Spread the love

टीम चयन : 2023 एकदिवसीय विश्वकप

आपका -विपुल

तो आज 05 सितंबर 2023 को आईसीसी एकदिवसीय विश्वकप 2023 के लिये भारतीय टीम की घोषणा हो गई। बहुत कुछ लगभग पहले ही पता था और इस टीम की घोषणा से शायद ही किसी को आश्चर्य हुआ हो।

टीम इस प्रकार है।

रोहित शर्मा (कप्तान ), विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या (उपकप्तान), श्रेयस अय्यर, रवींद्र जडेजा, ईशान किशन, सूर्य कुमार यादव, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर।

इस टीम में 5 विशुद्ध बल्लेबाज हैं जो बल्लेबाज़ी के अलावा कुछ नहीं करेंगे। अय्यर को पार्ट टाइम गेंदबाजों में नहीं गिन सकता मैं।

रोहित, गिल, कोहली, अय्यर और सूर्य कुमार यादव।

इस टीम में एक विशेषज्ञ विकेट कीपर ईशान किशन है जो बाएं हाथ का बल्लेबाज भी है और एक काम चलाऊ विकेट कीपर के एल राहुल भी है।

ये दोनों विकेटकीपर बल्लेबाज किशन और राहुल ओपनिंग और मध्य क्रम दोनों में खेल सकते हैं।

टीम में दो स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल हैं जो दोनों ही बाएं हाथ के फिंगर स्पिनर हैं और बाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करते हैं। दोनों ही निम्न मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं।

टीम में दो तेज गेंदबाज आल राउंडर हार्दिक पांड्या और शार्दूल ठाकुर हैं। दोनों ही दाएं हाथ से मध्यम तेज गेंदबाजी करते हैं और दाएं हाथ से बल्लेबाज़ी। हार्दिक मध्य क्रम के बल्लेबाज हैं, शार्दूल निम्न क्रम के।

पांड्या की गेंदबाजी और बल्लेबाज़ी शार्दूल के मुकाबले ज्यादा अच्छी रही है हाल फिलहाल।

टीम में चार विशुद्ध गेंदबाज हैं। तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिनर 

तीन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज हैं। तीनों ही दाएं हाथ के हैं।

एक बाएं हाथ का कलाई का स्पिनर कुलदीप यादव है।

तो ये 15 सदस्यीय टीम है जो विश्वकप के लिए चुनी गई।

टीम में लगभग वही लोग हैं जो टीम इंडिया के बड़े चेहरों में हैं। पूरी टीम में एक भी ऑफ स्पिनर या दाएं हाथ का लेग स्पिनर नहीं है। ये एक कमी है जो सामने से दिखती है।

दूसरी चीज ये कि रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल लगभग एक से खिलाड़ी हैं, शायद यहां कोई और हो सकता था।

24 औसत और 101 स्ट्राइक रेट और पिछली 6 पारियों में 35,24,19,0,0,0 रन बनाने वाले वाले सूर्यकुमार यादव को 55 औसत और 104 स्ट्राइक रेट वाले संजू सैमसन, जिनकी पिछली 6 पारियों के स्कोर 51,9,36,2*,30,*86*  पर वरीयता देने पर भी आप आपत्ति कर सकते हैं।

चोटिल के एल राहुल को बिना कोई मैच खेले सीधे विश्वकप खिलाने पर भी सवाल उठेंगे। आखिर ये नियम द्रविड़ ने ही तो बनाया था कि चोटिल खिलाड़ी बिना कोई डोमेस्टिक या प्रैक्टिस मैच खेले सीधे चयनित नहीं होगा।

हम एक एक खिलाड़ी के चयन पर बात कर सकते हैं अब।

रोहित शर्मा भारतीय टीम के पिछ्ले दो ढाई साल से कप्तान हैं।10 हजार वनडे रनों के करीब हैं। टीम इंडिया के बड़े खिलाड़ियों में से हैं, चयन पर सवाल नहीं।

गिल पिछ्ले कुछ समय से टीम के साथ हैं। अच्छे स्कोर बनाए हैं।भले ही मूविंग बॉल पर गच्चा खा जाते हों, पर थोड़ी सी बल्लेबाजी के सहायक पिच मिलने पर अच्छे रहते हैं। ये भी ठीक।

विराट कोहली के चयन पर सवाल उठाना ही बेवकूफी होगी। कोहली इस टीम का मुख्य खिलाड़ी है। टीम इंडिया इस विश्वकप में कितना अच्छा या कितना बुरा खेलेगी, कितना आगे तक जायेगी, विश्वकप जीतेगी या नहीं?ये कोहली के अच्छा या बुरा खेलने से ही तय होगा।

हार्दिक पांड्या दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका अच्छा या बुरा खेलना पूरी टीम की तकदीर तय करेगा। हार्दिक बहुत अच्छे तेज गेंदबाज हैं और पावर हिटर होने के साथ चालाकी से भी बल्लेबाज़ी कर सकते हैं।

ईशान किशन ने पिछली 4 पारियों में 4 वनडे अर्धशतक बनाए हैं, पिछ्ले ही मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की नाक बचाई है। बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज विकेटकीपर का सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।

अय्यर मध्यक्रम में अच्छा रहा है। कुछ समय से स्थाई है टीम में, स्पिन अच्छा खेलता है। चयन बनता है इसका।

रवींद्र जडेजा केवल फील्डिंग के दम पर अंतिम 11 में जगह बना सकते हैं। बैटिंग बॉलिंग बोनस ही है। हालांकि अच्छे लिमिटेड ओवर गेंदबाज नहीं हैं और बल्लेबाजी में भी लिमिटेड ओवर में कुछ खास रहे नहीं फिर भी बाकियों से अच्छे हैं।

कुलदीप बाएं हाथ का चाइनामैन गेंदबाज है, प्रदर्शन भी अच्छा रहा अभी। चयन सही ही है।

बुमराह शमी और सिराज आपके सर्वश्रेष्ठ 3 तेज गेंदबाज हैं, इनके चयन पर कोई सवाल नहीं उठ सकते।

जिन चार नामों पर आपत्ति लगी, पहले के एल राहुल।

राहुल अगर पूरे फिट हों तो तो ठीक है, पर एशिया कप में पहले चुने गए, फिर पता चला चोटिल हो गए। अभी स्थिति स्पष्ट भी नहीं कि कैसी चोट है। दूसरा के एल राहुल को अगर ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर चुना गया,तो भी मैं पक्ष में नहीं। पूर्ण फिट के एल राहुल अगर मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं तो मुझे आपत्ति नहीं। वैसे मेरी आपत्ति से होना भी कुछ नहीं।

अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा दोनों 2015 की विश्वकप टीम में भी थे पर तब दाएं हाथ के स्पिनर अश्विन भी थे टीम में।

यहां शायद अश्विन नहीं तो वॉशिंगटन सुंदर की जगह तो बनती ही थी, जो बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ ऑफ़ स्पिनर भी हैं और पावर प्ले में गेंदबाजी भी करते हैं अक्सर।

शार्दूल ठाकुर की जगह मैं बिश्नोई या चहल में से किसी एक को पसंद करता, पर शार्दूल उन दोनों से बढ़िया बल्लेबाज हैं तो ये प्वाइंट शायद मेरा कमजोर रहेगा।

हालांकि सूर्या की जगह सैमसन वाला मेरा प्वाइंट मजबूत है, पर अगर कप्तान को सूर्या पर ज्यादा भरोसा है तो कोई क्या कर सकता है।

दूसरा सैमसन ऊपरी क्रम का खिलाड़ी है, सूर्या नीचे के क्रम का। ये भी सूर्य कुमार यादव को सैमसन पर वरीयता का कारण हो सकता है।

पर अगर के एल राहुल  पूर्ण फिट नहीं हुए तो मैं संजू सैमसन को के एल राहुल की जगह टीम में दूसरे कीपर के तौर पर देखना पसंद करूंगा।

बाकी ये चुनी गई टीम हमारी टीम है और इसे विश्वकप जीतने के लिये शुभकामनाएं।

आपका – विपुल

सर्वाधिकार सुरक्षित -Exxcricketer.com 


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *