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राहुल दुबे की कलम से

आखिर किसी की इतनी हिम्मत ही कैसे हो सकती है ?
मेरा इस्तीफा हुआ और मेरे ही फैमिली Whatsapp ग्रुप में Whatsapp फॉरवर्ड आया कि एक और देश विरोधी को मोदी जी ने ठिकाने लगा दिया है।
बड़ी विडंबना है।

अब बताइये इतनी नफ़रत क्यों है मुझसे मोदी जी को ?
ख़ैर दिल फट रहा है। सांसें उखड़ रहीं हैं
दिमाग का कहना शरीर का कोई अंग नही मान रहा है।
लेकिन कर भी क्या सकता हूँ ?एक रॉय परिवार के चक्कर में स्वयं के कैरियर की लंका लग गयी है।

नदीम श्रवण के दर्दभरे गीत लूप में बज रहे हैं ।
अब आप ये मत पूछिए की नदीम श्रवण के ही गीत क्यों ?उन पर तो गुलशन कुमार की हत्या का आरोप था ।
अरे इतनी तो आजादी है मुझे। क्या 2014 के बाद इतनी भी आजादी नहीं मिलती क्या?

मैंने बहुत कांड किये हैं।

9 साल तक प्राइम टाइम विद रवीश कुमार में ।
लेकिन अपनी बोलने की कला के कारण स्वयं को मसीहा कुमार साबित करवा चुका हूं मैं। देखिए कई एंटी फासिस्ट लोग मुझे लोकतंत्र का मसीहा कहते भी हैं
“हे हे हे!”
मैंने सड़को पर नागिन डांस भी किया ,अपने प्रिय नेताओ का , हिंदुत्व विचारधारा से लड़ने वाले नेताओं का इंटरव्यू उनके इच्छानुसार भी किया।

“कौन जात हो ?”
इसके लिए तो प्रसिद्ध हूँ ही मैं।
आप तो जानते ही हैं।
“हे हे हे।”

जो हमारे गोले में नहीं आया ,उनको जी भर के गाली भी दिया ।
लेकिन अब जा रहा हूँ तो सद्भावना बटोरने की इच्छा रखता हूँ।

“हे हे हे।”

IT सेल के लोग मुझे नव कामरेड्स के अब्बा कहते हैं।
लेकिन विडंबना यह है कि एक नव कामरेड ने मुझसे उत्सुकतावश पूंछ लिया :-

“अब्बा आप तो सदैव कोट पैंट में रहते हैं,लेकिन हमें हरे कुर्ते, नीली जीन्स और चप्पल के साथ लड़कियों वाले रंग बिरंगे गमछा को पहन कर घूमने को क्यों कहते रहते हैं ?”
अब मैं उसे क्या समझाता ? इस्तीफे के दुख में था ।
खैर संतोष इस बात का है कि अपने लोगों को ये समझा पाने में कामयाब रहा हूँ कि मैंने NDTV
इसलिए छोड़ दी क्योंकि ये हिंदू फासिस्ट पूंजीवादी , मोदी के दोस्त अडानी की हो चुकी थी।
क्योंकि गौतम अडानी पूंजीपति है


लेकिन अंबानी के टुकडों पर पिछले कई साल से पलते NDTV में मैं बस इसलिए रूका था क्योंकि मैं मुंबई इंडियंस का फैन था ।
“हे हे हे।”

इस्तीफे के बाद कई लोगों ने मुझ को एक्सपोज़ करने की असफल कोशिश की ।
ऐसा असफल प्रयास ये लोग पिछले कई सालों से कर रहे हैं।

“हे हे हे।”
मेरे साथी मुझे हार्ड कोर हैंडसम कॉमरेड कहते हैं ।
लेकिन NDTV छोड़ने के कुछ देर बाद ही ये मेरी चुगली भी करने लगे ।
बड़ी विडंबना है।
एक कन्वर्टेड कामरेड ये बता रहा था कि कैसे मैं यूट्यूब से करोड़ों रूपये कमाऊंगा।
“अरे ऐसे आस्तीन के सांप न बनो कॉमरेड! मेरी साम्यवादी छवि को ठेस तो न पहुँचाओ कॉमरेड!”
“हे हे हे”

प्रिय पड़ोसी पाकिस्तान से भी मेरे लिए कुंटलों के भाव सद्भावना सन्देश आये हैं।
उनको पढ़ के मैं भावविभोर हो गया हूँ , गदगद हो गया हूं।
लेकिन समझ ही नहीं आ रहा कि अब बेवफा हो चुके NDTV पर जब मेरे प्रिय मुल्क पाकिस्तान को कोई पत्रकार गालियां बकेगा तो उसे कैसे रोकूंगा मैं ?
बड़ी विडंबना है।

एक बिहारी मित्र ने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर किया जिसमें गाने के बोल थे :-
“तोहरा दुअरा पर बाजत डीजे!
तोहरी दीवाना के कुर्ता लोरवे से भींजे “
मैं इस गाने के जरिये अपने दर्शकों के द्वारा मुझे और बेवफा NDTV के लिए भेजा गया सन्देश समझ गया हूं।
NDTV और रॉय दम्पत्ति के लिए मैंने पत्रकारिता की परिभाषा हर समय बदली। कामरेड लोगों ने मेरी खूब ब्रांडिंग की ।
लेकिन
कैसा सिला दिया रे NDTV तूने ?
मैंने इस्तीफा तो बस चेक करने के लिए भेजा था ।
ये क्या बात हुई कि 10 मिनट में ही मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और लीक भी कर दिया गया।
बड़ी विडंबना है ।

इससे मैं आहत हूँ , आतंकित हूं ,अफसोस में हूं ।
मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि इस देश को बचाने के लिए मुझे आगे क्या करना है ।
लड़ाइयां तो लड़नी ही हैं इन 4 हिंदू फासिस्टों मोदी योगी शाह और अडानी से।
भले ही लोग मुझे जॉर्ज सोरोस का दलाल , कांग्रेस का एजेंट बोलें लेकिन मैं लड़ता रहूंगा।
जरूर लड़ता रहूंगा।

कई लोग कह रहे हैं कि मैंने पिछले 2 साल से NDTV के आफिस से कोई शो नहीं किया ।

अरे तो मेरी मर्जी है ये !
मुझे गांधी जी की तस्वीर अच्छी लग रही थी ।
वो तो मेरे प्रिय लादेन की दुआ पढ़ने वाला कर्मचारी हमें 2020 में ही छोड़ गया था वरना उनकी तस्वीर भी रखता ।

कई बेरोजगार मूर्ख मेरे इस्तीफे की प्रशंसा ऐसे कर रहे हैं। मेरे चैनल का प्रचार ऐसे कर रहे हैं ।जैसे मैं उन्हें थंबनेल सेलेक्ट करने की नौकरी देने ही वाला हूँ ।
“हे हे हे”
मैं यो या ब्रो उर्फ सलीम को ये बता देना चाहता हूं कि ये किसान आंदोलन या भारत जोड़ो यात्रा नहीं है ,जहां तुम आईडी कार्ड लटकाए आ जाओगे ।
बेटा एक रत्ती नही दूंगा यूट्यूब की कमाई में से ।

एक महामूर्ख कह रहा है कि मुझे मोदी के खिलाफ लड़वा दो।
अबे जाकर खुद लड़ो ।
मुझे नौकरी सीरीज दोबारा चालू करनी है
मैं क्यों लड़ूं मोदी से ?
तुमलोग तो अपनी दुनिया में फिट हो और मुझे शहीद करवाने की कोशिश कर रहे हो।
बड़ी विडंबना है।
मैं जा रहा कैरी मिनाती से रोस्टिंग की ट्रेनिंग लूंगा और रोस्ट करूंगा मोदी जी को।

मैं आज लोगों को साफ साफ बता देना चाहता हूं कि
“हाँ मैंने जाति पूछी!
हाँ मैंने शाहरुख को अनुराग बताया !
हाँ मैने आफताब आमीन पूनावाला और हिन्दू आरोपियों के बीच के अंतर किया!
और बताया कैसे हाथरस के आरोपी बहुत बुरे हैं और आफताब तो हर जगह है।
हां,
मैंने ही बताया कि बुरहान वाणी आतंकवादी नहीं एक मजलूम नौजवान था । एक प्रिंसिपल का बेटा था ।
हाँ हाँ वो मेरे मालिक ही थे जिन्होंने 400 करोड़ का लोन बिना ब्याज के लिया था। “

तो क्या कर लोगे ?
मैंने अपने नमाजियों को तो समझा रखा है कि मैं बहुत मासूम हूँ। मैं बहुत सौम्य हूँ। मैं पत्रकार हूं।
एक शख्स ने मुझ कभी से कहा था कि :-

“रवीश जी अगर आप एक्टर होते तो आपको बहुत ज्यादा इज्जत मिलती ।”
तो मैं YOYA bro उर्फ सलीम और बाकियों को बता देना चाहता हूं कि मैं करूंगा अब एक्टिंग ।
मुझे नही फंसना अब तुम्हारे सबके चक्कर में ।
अब नमस्कार की जगह Hello Guys कहूंगा मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुम क्या सोचोगे ।

भक्त कह रहे हैं कि यूट्यूबर बनकर रह गए हो।तुम्हारी इज्जत उतनी ही रह गई है जितनी एक निब्बा की होती है ।
एक 150 सब्सक्राइबर वाले छपरी लड़के की होती है ।
बड़ी विडंबना है।
अब कोई बताइये इन अंधभक्तों को कि क्या इतना छोटा हूँ मैं ?

दर्द तो है NDTV की बेवफाई का लेकिन इस बात से और चिंतित हूँ कि कही Youtube को MBA चायवाला ने खरीद लिया तो क्या करूंगा ?
ये कुर्ता और जीन्स वाले मुझे वहां से भी हटवा देंगे ।

लेकिन समय ही तो है ये।
फैजू और रियाज़ भाई के रिप्लाई का इंतज़ार भी है ।
उनके साथ रहकर ट्यूशन बदमाशी का गाने पर रील कैसे बनाते हैं, ये सीखना है
पत्रकार तो वैसे भी मैं रहा नही था अब खबर भी नही पढूंगा ।

लोग आरोप लगा रहे हैं कि मैने ये कहकर NDTV का नुकसान किया कि टीवी मत देखो।
बड़ी विडंबना है।

और हां!
मैं नही करूंगा कांग्रेस का समर्थन ।क्या कांग्रेस मेरे लिए एक समाचार चैनल खोलेगी ?
मैं इज्जत बचाना चाहता हूँ।यार यूट्यूब पर मजा नही आएगा ।


गलती से मुंह से निकल गया।
“हे हे हे”

यूट्यूब से कहां मैग्सेसे और इस जैसे दूसरे इनाम मिलेंगे ?
और हाँ मैं वायर, स्क्रॉल जैसी कबाड़ी संस्थाओं को बता देना चाहता हूं कि तुमलोगों की औकात नहीं है, रवीश कुमार से लेख लिखवाने की ।
इशारा समझा करो यार!
“हे हे हे”

मैंने बहुत पाप किये हैं।
लेकिन मेरी औपचारिक शोक शोभा में मेरी तारीफ हुई इससे अभिभूत हूँ ।
मैंने तो इस्तीफा ही इसीलिए दिया था ।
बाकी पैसे तो आते ही रहेंगे वॉक लिबरल वर्ल्ड से।
यदि ज़ुबैर 12 लाख बटोर सकता है तो मैं तो करोड़ो कमाऊंगा।
“हे हे हे”

जय मोदी! जय अडानी!
अम्बानी की जय नहीं बोलूंगा क्योंकि मैं मुंबई इंडियंस का फैन हूं।
“हे हे हे”

नमस्कार !
मैं पूर्व जीरो TRP एंकर रवीश कुमार।

अब यूट्यूबर रवीश कुमार।

हां, मेरा चैनल सब्सक्राइब करना मत भूलना।

राहुल दुबे की कलम से
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One thought on “नमस्कार ! मैं यूट्यूबर रवीश कुमार

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