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आपका -विपुल

विपुल

सी यू एट गाबा।

पहला टेस्ट (दिन /रात) 17 से 19 दिसम्बर 2020 एडीलेड

पहला टेस्ट (दिन /रात)

17 से 19 दिसम्बर 2020 एडीलेड

 तो भारत ऑस्ट्रेलिया की कोरोना के बाद बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज शुरू हुई 17 दिसंबर 2020 से।अतिआत्मविश्वास से भरे कोहली शास्त्री ने 24 घण्टे पहले टीम घोषित कर दी थी।कीपर साहा थे ओपनर पृथ्वी शॉ और मयंक ।मध्य में हनुमा विहारी।इशांत चोटिल थे तो उमेश यादव उनकी ज़गह आये |

ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीम घोषित नहीं की थी।हेली धूमकेतु की तरह 87 साल में दिखने वाला अजूबा हुआ।कोहली भैया टॉस जीत गए थे।फिर अपनी टीम को बैटिंग करनी ही थी भारतीय गली क्रिकेट नियम नम्बर 1 के अनुसार।पृथ्वी शॉ को बहुत नागवार गुजरा।दूसरी ही गेंद पर स्टार्क को विकेट देकर वो निकल लिए।

मयंक और पुजारा ने रो धोकर घण्टा भर निकाला फिर कमिन्स की एक बहुत तेज़ गेंद पर मयंक भैया बोल्ड हुए ।कहना तो वो चाहते थे कि इतनी फास्ट फास्ट की नहीं हो रही थी लेकिन इंट्रोवर्ट होने के कारण कह नहीं पाए और निकल लिये।पुजारा और कोहली ने काफी गेंदे खेल कर पार्टनर शिप की |

ठीक 100 रन थे 50वें ओवर में जब पुजारा  लायन का शिकार बने 160 गेंदे खेल 43 रन बना के ।तब भी लोग नाखुश थे।कोहली कप्तान और उपकप्तान रहाणे की पार्टनर शिप लगी।तब तक चली जब तक कोहली को रहाणे ने रन आउट न करवा दिया।71वीं सेंचुरी के पहले 74 रन पर।बाद में रहाणे भी आउट हो गए नई गेंद पर|

विहारी भी आउट।

दिन का खेल खत्म होने पर अश्विन और साहा खेल रहे थे।रन बने थे 233 6 विकेट पर ।भारत ड्राइविंग सीट पर था।

अगला दिन शुरू हुआ।चूँकि ऐश को बोलिंग करनी थी साहा को कीपिंग, तो दोनों ने बैटिंग जैसी बेकार चीज़ में वक्त जाया नहीं किया।244 पर इंडिया आल आउट हो गई।

ऑस्ट्रेलिया के ओपनर मैथ्यू वेड और जो बर्न्स ने 14 ओवर तक मात्र 16 रन बनाए थे (लोग बताते हैं दोनों ने पिछले दिन कुछ समय पुजारा के साथ बिताया था ).

इधर खेल के नियमों को तोड़कर बुमराह ने अचानक बहुत तेज़ बोलिंग शुरू की और दोनों ओपनर को 8 8 रन के निजी स्कोर पे एलबीडबल्यू आउट कर दिया|

एशेज हीरो मारनस लाबुशाने को इंडियन कल का लौंडा समझ रहे थे लेकिन लाबुशाने बहुत शाना निकल गया।यादव के हाथो एलबीडबल्यू होने के पहले 47 बना गया।उधर टिम पेन ने भी 73 नाबाद बना के टीम इंडिया को पेन दे दिया ।ऑस्ट्रेलिया 191 आल आउट पहली इनिंग।

भारत की दूसरी पारी में पृथ्वी शॉ ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 100 के स्ट्राइक रेट से 4 रन 4 बालों पर बनाये और आउट हो गए।इधर बुमराह ने प्रैक्टिस मैच में 50 मार रखी थी तो  शॉ के आउट होते ही बल्ला उठाकर पिच पर दौड़ के पहुँच गये।दूसरे दिन खेल समाप्त होते समय भारत का स्कोर 9 /1 था|

फिर एक ऐसा दिन आया 19 दिसम्बर 2020 जो 25 जून 1983 कपिल देव और 2अप्रैल 2011 धोनी की तरह भारतीय क्रिकेट और कोहली के लिये यादगार बना।

ज़्यादा कुछ कहने की ज़रुरत नहीं ।नीचे भारतीय टेस्ट टीम का एडिलेड टेस्ट 2020 की भारत की दूसरी पारी का स्कोर कार्ड देख लीजिये।

हेजलवुड ने 5 विकेट लिए थे कमिन्स ने 4

ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिये 90 रन का लक्ष्य मिला ,जो बर्न्स ने नाबाद 50 मारा।वेड 33 पर रनआउट हुआ।लाबुशाने को अश्विन ने आउट किया जिन्होंने पहली इनिंग में भी 4 विकेट लिए थे।ऑस्ट्रेलिया 2 विकेट पर 93 रन बनाकर जीत गई।

मैन ऑफ द मैच हेजलवुड रहे |

दूसरा  टेस्ट 26 से 29 दिसम्बर 2020 मेलबोर्न

दूसरा  टेस्ट

26 से 29 दिसम्बर 2020

मेलबोर्न

विराट कोहली ने पहले ही बीसीसीआई से पहले टेस्ट के बाद पितृत्व अवकाश स्वीकृत करवा लिया था वो पहली बार पिता बन रहे थे।भारतीय तेज़ आक्रमण के प्रमुख स्तम्भ शमी की कलाई कमिन्स ने तोड़ दी थी।भारत की टीम की बहुत खिंचाई हो रही थी।भारतीय मध्यक्रम की कलई खुल चुकी थी।

26 दिसंबर से शुरू बॉक्सिंग डे टेस्ट में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी सम्भाली।उन्होंने विकेट कीपर ऋषभ पंत को और आल राउंडर रविन्द्र जडेजा को टीम में लिया ।पृथ्वी शॉ की जगह शुभमन गिल और शमी की जगह मोहम्मद सिराज का डेब्यू हुआ।ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी।

अश्विन विश्व नम्बर 1 स्पिनर क्यों है उसने ऑस्ट्रेलिया को दिखा दिया।पहले दिन लंच तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 65 पर 3 था ।बुमराह का एक और अश्विन के दो विकेट थे जिसमें स्टीव स्मिथ को अश्विन ने शून्य पर निपटा दिया था|

लाबशाने को भी अश्विन ने एलबीडबल्यू कर दिया था लाबशाने पर रिव्यू में बच निकले|

लाबुशाने ने 48 ,ट्रेविस हेड ने 38रन बनाए थे।ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 195 रन बनाए थे।बुमराह ने 4 अश्विन ने 3 विकेट लिये एक विकेट जडेजा को और डेब्यूटेंट सिराज ने लाबशाने सहित 2 विकेट लिये।

अभी दिन के खेल में 15 ओवर बाकी थे|

स्टार्क ने कमाल का पहला ओवर डाला मयंक को।उस ओवर की किसी भी गेंद पर कोई भी बैट्समैन आउट हो सकता था।अग्रवाल ओवर की 6th गेंद पर आउट हो गए।जब खाता भी नहीं खुला था टीम का ।

टीम के बड़े बूढ़े पुजारा ने स्थिति सम्भाली।गिल अच्छा खेले।भारत 36/1 पर दिन खत्म हुआ।

पुजारा 7 ,गिल 28 पर नाबाद थे दिन के अंत पर |

दूसरे दिन गिल 45 पर आउट हुए जब टीम का स्कोर 61 था ।टीम के 64 के स्कोर पर पुजारा 17 (70)पर आउट हुये।भारत के क्रिकेट प्रेमी को केवल दो बैट्समैन की रनों के सापेक्ष खेली बालों से मतलब रहता है एक सहवाग ,दूसरे पुजारा ।रहाणे क्रीज़ पर वड़ा पाव का नाश्ता करके आ चुके थे ।हनुमा विहारी साथ थे|

लंच पर भारत का स्कोर 90/3 था ।रहाणे 10 विहारी 13

116 टीम स्कोर पर विहारी आउट हुये तब पंत आये।लप्पेबाज़ी करके पंत ने 29 रन बनाए।173 के टीम स्कोर पर पंत आउट हुए  सर जडेजा आये टी तक रहाणे ने 50 मार दी थी।दिन का खेल खत्म होने पर रहाणे 104 पर नाबाद थे ।जडेजा 40 पर

भारत टीम स्कोर 277/5 |

तीसरे दिन सर जडेजा ने अपनी फिफ्टी पूरी की।अजिंक्य रहाणे 112 के स्कोर पर रन आउट हुए ।लगातार शॉर्ट गेंदे डाल स्टार्क ने जडेजा को उकसाया और वो कमिन्स को कैच दे बैठे।भारत की पहली पारी रहाणे के नेतृत्व में 326 रन पर निपटी ।जो कोहली के नेतृत्व की पिछली पारी से 296 ज़्यादा थे|

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की शुरुआत ही खराब रही।जो बर्न्स को अपने दूसरे ही ओवर में  यादव ने आउट किया.लेकिन खुद भी चोटिल होकर बाहर निकल गए।एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी और चोटिल भारत का ।

अश्विन ने लाबशाने को 28 पे आउट किया वहीं बुमराह ने  स्मिथ को पैरों के पीछे से 8 रन पे बोल्ड किया|

मेलबर्न दूसरी पारी 98 पर ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट गिर चुके थे 99 पर 6 लेकिन कैमरून ग्रीन और कमिंस ने 133 पर 6 पर दिन समाप्त किया ।लेकिन चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 102 ओवर में 200 बनाकर आउट हो गई।ग्रीन ने सर्वाधिक 45 रन बनाए।सिराज ने 3 ,अश्विन जडेजा बुमराह ने 2 2 विकेट लिए|

जीत के लिये भारत को 70 रन का लक्ष्य मिला जो भारत ने मयंक 5 और पुजारा 4 का विकेट खोकर हासिल किया।गिल 35 और रहाणे 27 रन बनाकर नाबाद रहे।कप्तान रहाणे मैन ऑफ द मैच रहे|

तीसरा टेस्ट 7 से 11 जनवरी  2021 सिडनी

तीसरा टेस्ट

7 से 11 जनवरी  2021

सिडनी

सिडनी टेस्ट के लिए रोहित शर्मा टीम से जुड़े।चोटिल यादव की जगह नवदीप सैनी डेब्यू किये।उधर ऑस्ट्रेलिया में वार्नर जुड़े और ओपनर विल पोदुव्स्की ने डेब्यू किया।

सीरीज 1 1 से बराबर थी भारत की टीम कुछ करने पर आमादा दिख रही थी।रोहित के आने से टीम में पॉजिटिव माहौल बढ़ा साफ दिख रहा था|

-सिडनी में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग ली।वार्नर के 5 और टीम के कुल 6 स्कोर पर सिराज ने वार्नर को आउट किया लेकिन फिर पुदुव्स्की और लाबशाने ने भारत को विकेट के लिये तरसा दिया |

106 के टीम स्कोर पर पुदुव्स्की 62 रन बनाकर आउट हुए .

उसके बाद स्मिथ जम गये लाबशाने के साथ|

पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 166 पर 2 था ।लाबशाने 67 स्मिथ 31 पर नाबाद थे।

दूसरे दिन लाबशाने 91 रन पे जडेजा का शिकार बने । स्टीव स्मिथ ने शतक बनाया और 131 रन बना के वो अंतिम विकेट के तौर पर जडेजा के सटीक थ्रो से रन आउट हुए।

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 338 रन||

जवाब में भारत की नई ओपनिंग जोड़ी गिल और रोहित ने 70 रन जोड़ कर अच्छी शुरूआत की।रोहित 26 पे आउट हुये।गिल और पुजारा ने 50 50 बनाये।

पंत ने 36 और रहाणे ने 22।

जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया के  पहली पारी में 4 विकेट लेने के बाद महत्वपूर्ण 28 रन भी बनाए थे।

भारत की पहली पारी 244 पर सिमटी|

सिडनी का विकेट बैटिंग के लिये अच्छा दिख रहा था।ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में ओपनिंग जोड़ी नहीं चली लेकिन लाबशाने और स्मिथ फिर चले।लाबशाने ने 73 ,स्मिथ ने 81 रन बनाए।कैमरून ग्रीन ने 85 ।

ऑस्ट्रेलिया ने 312 /6 पर पारी घोषित की।और भारत को जीत के लिये 407 का लक्ष्य मिला||

भारत को चौथे दिन का आखिरी सेशन और पांचवीं पूरी दिन खेलना था।गिल रोहित ने दोबारा अच्छी ओपनिंग की ।टीम के 71 के स्कोर पर गिल आउट हुए 31 रन बनाकर ,टीम के 92 के स्कोर पर रोहित एक गन्दा पुल शॉट मारके आउट हुये 52 रन बनाकर जब दिन का खेल खत्म होने ही वाला था।स्टंप्स पर भारत 98/2 था||

सिडनी टेस्ट के आखिरी दिन भारत को पूरे दिन खेलना था मैच जीतने या बचाने के लिये ।लेकिन दिन का खेल शुरू होते ही रहाणे आउट हो गए।तब रहाणे ने एक टैक्टिकल डिसीजन लेते हुए ऋषभ पंत को नम्बर 5 पे प्रोमोट किया और पंत ने ऑस्ट्रेलिया के आक्रमण की धज्जियाँ उड़ाते हुए 97 (118) रन बनाये|

पंत 250 टीम स्कोर पे आउट हुये ।तब भी भारत को लगभग 52 ओवर खेलने बाकी थे।विहारी ,पुजारा का साथ देने आए।विहारी कुछ अस्वस्थ दिख रहे थे।पुजारा 77 (205) रन बनाकर आउट हुए 272 स्कोर पर।40 42 ओवर का खेल तब भी बाकी था।और जडेजा का अगूंठा पहली इनिंग की बैटिंग में टूट गया था ।कठिन समय था|

जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में बोलिंग भी नहीं की थी।तब विहारी का साथ देने भारतीय क्रिकेट की सबसे कठोर और मजबूत शख्सियत में से एक रविचंद्रन अश्विन आये पिच बैटिंग के लिये उपयुक्त थी और अश्विन को अपनी बैटिंग पर विश्वास भी ।लंच तक अश्विन और विहारी ने विकेट नहीं गिरने दिया|

अश्विन की पीठ में तकलीफ थी ,वो पीठ पर प्लास्टर सा कुछ पहने खेल रहे थे ।हनुमा विहारी की हैमस्ट्रिंग खिंच चुकी थी।ऑस्ट्रेलिया टीम माने बैठी थी कि वो मैच लगभग जीत चुके हैं लेकिन अश्विन और विहारी जब टस से मस नहीं हुए तो ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्लेजिंग पर उतरे  ।

अश्विन और विहारी की विकेट पर टिके रहने की ज़िद से परेशान आस्ट्रेलिया के विकेटकीपर कप्तान टिम पेन अश्विन का मज़ाक उड़ाते हुए बोले।

*सी यू एट गाबा *

दरअसल ब्रिस्बेन का गाबा मैदान टीम ऑस्ट्रेलिया का गढ़ माना जाता था जो सिडनी की बैटिंग पिच से अलग  एक तेज़ पिच के तौर पर मशहूर थी और पिछले कई दशक से टीम ऑस्ट्रेलिया यहाँ कोई मैच नहीं हारी थी।

तेज़ मिज़ाज़ अश्विन ने पलट के पेन को जवाब दिया ।

और हम तुम्हारा भारत में इंतज़ार करेंगे।

शायद तुम्हारी कप्तानी क्या टीम में जगह भी चली जायेगी “

तिलमिलाए पेन ने बोला ।

अच्छा ?

तुम क्या ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता हो ?”

बदले में अश्विन मुस्कुरा भर दिये।

ये एक  इतिहास बनने की शुरुआत थी।

ऑस्ट्रेलिया टीम ने उस सम्भव समय तक गेंदबाजी की जब तक वो कर सकते थे।लेकिन न तो अश्विन ,न ही हनुमा विहारी ने उन्हें अपना विकेट दिया ।

वो दौड़ कर  रन नहीं बना रहे थे क्योंकि दोनों ही चोटिल थे।रन आउट का खतरा नहीं ले सकते थे।और जडेजा अलग अगूंठा तुड़ाये बैठे थे ,जो अगले बल्लेबाज होते।

ठीक 131 ओवर खेली टीम इंडिया चौथी पारी में ।जो शायद अलग ही रिकॉर्ड था ,कई सालों का।तब गावस्कर टीम इंडिया को जिताते जिताते रह गए थे।

अभी अश्विन और विहारी ने ऑस्ट्रेलिया के मुंह से जीत का निवाला छीन लिया था

हनुमा विहारी ने 161 गेंदो पर नाबाद 23 रन बनाए थे।रविचंद्रन अश्विन ने 128 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेल कर भारत को श्रृंखला में बनाये रखा था।

स्टीवन स्मिथ मैन ऑफ द मैच रहे।

अब बारी गाबा की थी।

चौथा  टेस्ट 15 से 19 जनवरी  2021 ब्रिसबेन (गाबा टेस्ट)

चौथा  टेस्ट

15 से 19 जनवरी  2021

ब्रिसबेन

गाबा टेस्ट

15 से 19 जनवरी को ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में भारत ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट मैच वाकई शोध का विषय है।

ये चिड़ियों से बाज़ लड़ाने का औऱ चिड़ियों के जीतने का किस्सा है।

ये डेविड के गोलिएथ  से जीतने का किस्सा है।

ये नवयुवक स्कन्दगुप्त के बर्बर हूणों को पराजित करने जैसा है या यूं कहें कि कोई विशेषण ही नहीं ढूंढ सकते इस जीत के लिए।

भारत का गेंदबाजी आक्रमण था।

अपना तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे मोहम्मद सिराज।

अपना दूसरा टेस्ट मैच खेल  रहे नवदीप सैनी।

तकनीकी तौर पर  अपना दूसरा ,पर वास्तविक रूप से अपना पहला मैच खेल रहे शार्दूल ठाकुर।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन का डेब्यू हो रहा था और दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर का डेब्यू भी इसी मैच में हुआ जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे।

सुंदर दरअसल नेट गेंदबाज के तौर पर टीम से जुड़े थे ।पर उनकी बल्लेबाजी क्षमता को देखते हुये उन्हें मौका मिला था कुलदीप यादव की जगह।

बाकी दस खिलाड़ी वही थे ,जो फिट थे और खेलने लायक थे।क्योंकि रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, मयंक अग्रवाल और ऋषभ पंत के अलावा सारे बल्लेबाज घायल पड़े थे।खेलने लायक नहीं थे।

इस मैच के लिये 11 खिलाड़ी चुनने के लाले पड़ गए थे टीम इंडिया को।

जीतने की सोच ही कोई नहीं रहा था।

पहला दिन –अनुभवहीन आक्रमण

पहला दिन –अनुभवहीन आक्रमण

तो गाबा में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी ली।पहले ही ओवर की आखिरी गेंद पर सिराज ने मियां मैजिक दिखाया।वार्नर स्लिप में आउट।वार्नर 1 , टीम स्कोर 4

नवें ओवर की पहली ही गेंद पर 17 के निजी स्कोर पर मार्क्स हैरिस को ठाकुर ने सुंदर के हाथों कैच करवाया ।ठाकुर का पहला टेस्ट विकेट |

टीम स्कोर 17 

टीम ऑस्ट्रेलिया को इन अनुभवहीन गेंदबाज़ों से इतने करारे प्रहार की उम्मीद नहीं थी।

अनुभवी स्टीव स्मिथ और बेहतरीन फॉर्म में चल रहे मारनस लाबशाने स्कोर को लंच तक 65 /2  तक ले गए।

लंच के बाद सुंदर ने स्मिथ को लेग साइड पर फंसाकर रोहित शर्मा के हाथों कैच करवा दिया।और टेस्ट क्रिकेट में अपने विकेटों की बोहनी की ।पहला टेस्ट विकेट था ये सुंदर का।

तब स्कोर 87 था।स्मिथ ने 36 रन बनाए थे।

मैथ्यू वेड ने फिर लाबशाने के साथ अच्छी साझेदारी की और स्कोर को 200 तक ले गए।

यहाँ नटराजन ने वेड को ललचा कर फंसाया और वेड ठाकुर को कैच पकड़ा गये।

नटराजन को भी पहला टेस्ट विकेट मिल गया था।

।वेड ने 45 रन बनाए थे।उधर लाबशाने ने शतक जड़ दिया था।

लाबशाने को भी नटराजन ने इसी स्पेल में निपटाया,पंत के हाथों ।तब स्कोरबोर्ड पर 213 रन थे और लाबशाने ने 108 रन बनाए थे 204 गेंदों पर।

5 विकेट निकालने के बाद भी टीम इंडिया के गेंदबाजों को चैन नहीं था।

हरफनमौला कैमरन ग्रीन और विकेटकीपर कप्तान टिम पेन टिक गए |दिन का खेल ख़त्म होने तक टीम ऑस्ट्रेलिया का  स्कोर  274 /5 था |

दूसरा दिन –संघर्ष

दूसरा दिन –संघर्ष

ग्रीन और पेन ने 98 रनों की साझेदारी कर डाली।टिम पेन ने ठीक 50 रन बनाए और 311 के स्कोर पर उन्हें शार्दूल ठाकुर ने रोहित के हाथों कैच करवाया।कैमरन ग्रीन ने 47 रन बनाए और 313 के स्कोर पर उन्हें वाशिंगटन सुंदर ने बोल्ड मार दिया।

अनुभवहीन गेंदबाज कमाल कर रहे थे।

315 के स्कोर पर पैट कमिन्स को  शार्दूल ठाकुर ने पगबाधा आउट किया ।

कमिन्स 2 रन ही बना पाए थे ।मात्र 4 रनों के अंतराल पर भारतीय अनुभवहीन गेंदबाजों ने 3 विकेट निकाल दिए थे ।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 8 विकेट पर 315

पर मिशेल स्टार्क और नाथन लायन ने फिर टीम इंडिया को दर्द दिया ।दोनों ने टीम ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 354 तक पहुंचा दिया।लायन विशेष आक्रामक थे 24 गेंदों पर 4 चौके लगा के 22 रन बना चुके थे।

लायन को 354 के स्कोर पर ही सुंदर ने बोल्ड मार दिया।

पर हेजलवुड ने 2 चौके और मिशेल स्टार्क ने एक छक्का और मार दिया।।

बात बर्दाश्त से बाहर हो रही थी।

यॉर्कर स्पेशलिस्ट टी नटराजन बुलाये गये और अपने ओवर की दूसरी ही गेंद पर हेजलवुड को बोल्ड मार कर नटराजन ने अपना तीसरा टेस्ट विकेट लिया।हेजलवुड ने 11 रन बनाए थे।स्टार्क 20 रन बनाकर नाबाद रहे।अतिरिक्त 20 रन दिए थे भारतीय गेंदबाजों ने।कुल 115 ओवर और 2 गेंद बाद टीम ऑस्ट्रेलिया आल  आउट हुई थी ।

369 के स्कोर पर।

सिराज ने 28 ओवर फेंके थे।77 रन देकर 1 विकेट लिया था।

नटराजन ठाकुर और सुंदर तीनों ने तीन तीन विकेट लिए थे।

नवदीप सैनी मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से 7 ओवर और 5 गेंदे ही फेंक पाए थे।

और इस सीरीज के चोटिल खिलाड़ियों की सूची में सैनी ने भी अपना नाम लिखवा दिया था।असलियत में भारत अब भी 4 गेंदबाज़ों के सहारे खेल रहा था |

भारत की पहली पारी की शुरुआत बेहद खराब रही ।11 रन बने थे जब पैट कमिन्स ने शुभमन गिल (7) को स्मिथ के हाथों स्लिप में पकड़वा दिया।

रोहित अच्छा खेल रहे थे।पुजारा टुक टुक कर रहे थे।60 रन बने थे और रोहित 44 पर थे जब उन्होंने लायन की गेंद पर  फिर से एक बेहद गन्दा शॉट खेला और स्टार्क को कैच पकड़ा दिया।

दिन का खेल खत्म होने पर  भारत 62 पर 2 था ।

रहाणे 2 और पुजारा 8 रन बनाकर खेल रहे थे।

तीसरा दिन – सुन्दर शार्दुल का पलटवार 

तीसरा दिन – सुन्दर शार्दुल का पलटवार 

तीसरे दिन पहले पुजारा 94 गेंदों पर 25 रन बनाकर आउट हुए ।स्कोर 105 था।फिर रहाणे जिन्होंने 93 गेंदों पर 37 रन बनाए और स्कोरबोर्ड पर 144 रन थे तब|

पुजारा को हेजलवुड और रहाणे को स्टार्क ने आउट किया था।

लंच पर भारत का स्कोर 4 विकेट पर 161 रन था।मयंक अग्रवाल पंत से ऊपर आये थे पहली पारी में , वो 38 पर थे, पंत 4 रन पर थे।

लंच के ठीक बाद दूसरी ही गेंद पर अग्रवाल 161 के टीम और 38 के निजी स्कोर पर आउट हो गए।

अब वाशिंगटन सुंदर क्रीज़ पर आए और एक बढ़िया स्ट्रेट ड्राइव खेल कर उन्होंने बताया कि वो किस क्लास के बल्लेबाज हैं।उधर पंत उल्टे सीधे शॉट खेल रहे थे ।जब पंत 23 पर थे और टीम इंडिया 186 पर ,पंत ने हेजलवुड की गेंद पर  ऑफ साइड में एक शॉट खेला और कैमरन ग्रीन ने एक हैरत अंगेज कैच पकड़ कर पंत की पारी खत्म कर दी।

क्रीज पर अब अपना ऑफिशियल दूसरा और वास्तव में पहला मैच खेल रहे शार्दूल ठाकुर आये ,डेब्यूटेंट वाशिंगटन सुंदर का साथ देने।

दरअसल शार्दूल ठाकुर को वेस्टइंडीज के विरुद्ध एक टेस्ट मैच में मौका मिला था ,पर टेस्ट के पहले ही दिन  कुछ गेंदे फेंकने के बाद ही उनके हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी, इसलिए वो मैच ठाकुर नहीं खेल पाए थे पूरा।

टीम इंडिया के फैन्स को ज़्यादा उम्मीदें थीं नहीं ,पर सुंदर और ठाकुर उस दिन इतिहास रचने के मूड में थे।शार्दूल का पैट कमिन्स पर पुल करके मारा गया छक्का भी कमाल था।स्टार्क पर कवर ड्राइव लाजवाब थी।हेजलवुड पर स्ट्रेट ड्राइव का तोड़ ही नहीं था।और छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा करने का उनका स्वैग ही अलग था।

टी पर टीम इंडिया 6 विकेट पर 253 थी और तब तक ऑस्ट्रेलिया दूसरी नई गेंद ले चुकी थी, पर न सुंदर को नई गेंद से फर्क पड़ा, न ठाकुर को ।टी तक तो सुंदर के 38 और ठाकुर के 33 रन ही थे लेकिन दोनों ने 50 रनों की साझेदारी कर टीम इंडिया को जीवनदान दे दिया था।

पहले शार्दूल ठाकुर ने अपना पचासा पूरा किया ,फिर दोनों की सौ रन की पार्टनरशिप पूरी हुई।फिर भारत के 300 रन पूरे हुए।शार्दूल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर की इस  पार्टनरशिप की तुलना भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास में आप किसी और पार्टनरशिप से करना चाहेंगे तो  आप केवल लक्ष्मण और द्रविड़ की 2001 ईडन गार्डन टेस्ट की पार्टनरशिप को ही इस समकक्ष पाएंगे।

मैं लेकिन इसको उससे भी ऊपर रखूंगा ।क्योंकि एक तो ये दोनों विशेषज्ञ बल्लेबाज नहीं थे, दूसरे अपनी टेस्ट जीवन की पहली पारियां खेल रहे थे।

शार्दूल 67 के निजी स्कोर पर कमिन्स की एक गेंद को उड़ाने के चक्करमें बोल्ड हुए।स्कोर 309 था तब।फिर नवदीप  सैनी वाशिंगटन सुंदर का साथ देने आए।इसी दरम्यान सुंदर भी अपना पचास पूरा कर चुके थे।गेंदबाज के तौर पर टीम में आये सुंदर ने 3 विकेट लेने के बाद अपनी पहली ही पारी में अर्धशतक ठोंक के अपना स्तर बता दिया था।

नवदीप सैनी को ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज लगातार शार्ट गेंद शरीर पर फेंक कर टारगेट कर रहे थे और सैनी को उनसे बचते देखना, सैनी की विकेट पर टिकने की जिद देखना मनोरंजक था।सैनी ने लगभग आधा घण्टे सुंदर का साथ दिया फिर 5 रन बनाकर स्मिथ को कैच पकड़ा गये हेजलवुड की गेंद पर|टीम इण्डिया का  स्कोर 320 /8 था अब ।

तभी वाशिंगटन सुंदर ने नाथन लायन पर एक नो लुक सिक्स मारा था।लाजवाब शॉट था।

मेरे हिसाब से इस सीरीज को केवल यही शॉट सही तरीके से प्रस्तुत कर सकता है।

पहला मैच खेल रहे एक युवा खिलाड़ी का अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बनाये गए अर्धशतक और भारत की युवा टीम का सशक्त ऑस्ट्रेलियाई टीम को मुंहतोड़ जवाब।

इस शॉट में एक अलग ही स्वैग था।

सुंदर 62 रन बनाकर स्टार्क का शिकार बने।328 स्कोर था तब।सिराज ने दो चौके लगाए और नटराजन 1 रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत ने लगभग 115 ओवर खेल कर 336 रन बनाये थे जो ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर 369 से ज़्यादा दूर नहीं थे।जोश हेजलवुड ने 5 विकेट लिए थे।

 कमिन्स और स्टार्क ने दो दो विकेट लिए थे।नाथन लायन ने 1 विकेट रोहित शर्मा का लिया |कुछ विकेट और लेते ही उनके 400 विकेट पूरे हो जाते और ऐसा करने वाले वो ऑस्ट्रेलिया के मात्र दूसरे स्पिनर होते।शेन वार्न के बाद|

ऑस्ट्रेलिया को अब मात्र 6 ओवर खेलने थे दिन में ।उन्होंने बिना विकेट खोए 21 रन बना लिये।

अगले दो दिन बारिश की संभावनाएं थीं।

चौथा दिन –सिराज शार्दुल की फायरिंग

चौथा दिन –सिराज शार्दुल की फायरिंग

टेस्ट मैच के चौथे दिन टीम ऑस्ट्रेलिया बहुत जल्दी में थी।मात्र 24.5 ओवर में 89 रन जोड़ दिए थे वार्नर और हैरिस ने।तब शार्दूल ठाकुर ने एक पटकी हुई गेंद पर हैरिस को पंत के हाथों कैच आउट करवाया।हैरिस ने 38 रन बनाए थे। 2 रनों बाद ही वार्नर को उनके अर्धशतक बनाने से ठीक 2 रन पहले 48 पर सुंदर ने पगबाधा आउट कर दिया।

बारिश से प्रभावित इस दिन में फिर लाबशाने और स्मिथ टिके।

123 के स्कोर पर लाबशाने 25 (22 गेंद ) को सिराज ने रोहित के हाथों स्लिप में पकड़वा दिया।

और फिर 3 गेंदो बाद वेड को एक बत्तख पकड़ा दी ।

ऑस्ट्रेलिया 123/4

ग्रीन आये स्मिथ का साथ देने |लंच तक कोई विकेट नहीं गिरा |लंच पर टीम ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 149/4  था |

 ग्रीन और स्मिथ की साझेदारी 196 पर टूटी जब स्मिथ अर्धशतक बना चुके थे ,55 रनों पर थे।स्मिथ को भी सिराज ने आउट किया था।

ऑस्ट्रेलिया 196 /5|

227 के स्कोर पर कैमरन ग्रीन 37 रन बनाकर शार्दूल ठाकुर का शिकार बने ।242 के स्कोर पर टिम पेन 27 रन बनाकर शार्दूल की गेंद पर पंत को कैच दे बैठे।

लंच और टी के बीच बारिश भी हुई थी।भारतीय गेंदबाज़ों को इसका फायदा मिल रहा था।

टी पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 7 विकेट पर 243 रन था।

फिर स्टार्क (1) को सिराज ने और लायन (13) को ठाकुर ने आउट किया ।दोनों के पारी में 4 4 विकेट थे अब।एक ही विकेट बचा था ऑस्ट्रेलिया का।

देखना था पांचवा विकेट कौन लेता ?

जोश हेजलवुड ने सिराज की गेंद पर शार्दूल ठाकुर को बाउंड्री लाइन पर कैच पकड़ा दिया ।

पैट कमिन्स 28 रन बनाकर नाबाद रहे।

पूरी सीरीज में पैट कमिन्स एक योद्धा की तरह दिखे थे|

सिराज ने 5 और शार्दूल ठाकुर ने 4 विकेट लिए थे।एक विकेट वाशिंगटन सुंदर ने लिया था।नटराजन को विकेट नहीं मिले थे।चोट के बावजूद नवदीप सैनी ने अपने साथियों को आराम देने को 5 ओवर फेंक दिए थे।

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 75 .5 ओवर में 294 रनों पर खत्म हुई ।भारत को जीत के लिए 328 रनों का टारगेट मिला ।

दिन के खेल में कुछ ओवर बाकी थे अभी।

रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने 1 ओवर और 5 गेंदें खेलीं,4 रन बनाये और नाबाद लौटे पांचवें दिन के लिए |

पांचवा दिन – टूटा था गाबा का घमंड

पांचवा दिन – टूटा था गाबा का घमंड

पांचवें दिन की शुरुआत टीम इंडिया के लिये खराब रही।

रोहित शर्मा ,जिनसे बहुत उम्मीदें थीं, मात्र 7 रन बनाकर कमिन्स की गेंद पर पेन को कैच थमा बैठे।

स्कोरबोर्ड पर मात्र 18 रन चढ़े थे तब।

शुभमन गिल और चेतेश्वर पुजारा ने तब एक लाजवाब साझेदारी की।

गिल बेहतरीन स्ट्रोक प्ले और अपने शॉट्स की रेंज दिखा रहे थे।

पुजारा वही कर रहे थे जो पुजारा हमेशा करते हैं ।डिफेंस और गेंदबाज को परेशान करना ,खराब स्ट्राइक रेट और विकेट न देने की जिद।

लंच के पहले ही शुभमन गिल ने अपना  टेस्ट अर्धशतक जड़ दिया था।लंच पर स्कोर 1 विकेट पर 83 था जिसमें पुजारा के मात्र 8 रन थे ,गिल के 64।

पुजारा को देख कर ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ऊब रहे थे।

48 वें ओवर तक भारत के 132 रन बन चुके थे।गिल 91 पर थे ,शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे।स्टार्क की बहुत धुनाई कर रहे थे।तभी लायन की गेंद पर गच्चा खाये और स्मिथ को स्लिप पर कैच पकड़ा गये।

भारत 132/2।

अजिंक्य रहाणे पता नहीं क्यों ज़ल्दी में थे ,पर जीत की टोन दिखी उनकी बल्लेबाजी में ।

1 चौका 1 छक्का मारा ।22 गेंदो पर 24 रन बनाए और कमिन्स की गेंद पर बेहद अटपटा शॉट खेलकर पेन को कैच दे बैठे।पर लगने लगा था कि भारत जीत के लिये जा रहा है।ये बात तब और पुष्ट हो गई जब ऋषभ पंत मयंक अग्रवाल से ऊपर नंबर 5 पर बैटिंग करने आये।रहाणे के आउट होने पर टीम इंडिया का स्कोर 167 था|

पुजारा 43 पर थे ।आधा दिन खेल के भी अर्धशतक नहीं बना पाए थे।पंत 10 पर।

टी के बाद भी ऋषभ पंत काफी आराम से खेले।

पुजारा के शरीर पर कमिन्स लगातार अटैक कर रहे थे ,उन्हें चोट लग भी रही थी, पर वो अविचलित थे।

एक छोर पर खूंटा गाड़े थे।दूसरे छोर पर ऋषभ पंत भी अभी रिस्क लेने के मूड में बिल्कुल नहीं थे।

 पंत और पुजारा की जोड़ी ने लगभग 23 ओवर खेले और 61 रन जोड़े।पुजारा ने इसी दरमियान 196 गेंदो पर अपना अर्धशतक पूरा किया था।

भारत ने 225 का आंकड़ा पार किया था और ऑस्ट्रेलिया ने नई गेंद ले ली थी।

जब भारत का स्कोर 228 था पुजारा 56 (211 गेंद ) के स्कोर पर थे ।कमिन्स ने नई गेंद सम्भालने के बाद दूसरी ही गेंद पर पुजारा के पैड पर गेंद मारकर अपील की  अंपायर ने उंगली उठा दी।पुजारा ने रिव्यू लिया पर ये अंपायर कॉल थी ।

पुजारा आउट ।अब ठीक 100 रन बाकी थे जीत के लिये  पर पुजारा अपना काम कर गए थे।क्योंकि दिन के खेल में 17 ओवर ही बाकी थे अब ,जो काटे जा सकते थे।

पर ऋषभ पंत के मन में कुछ और था।पुजारा के आउट होने के बाद ऋषभ पंत ने वो पारी खेल दी जो युगों युगों तक याद रखी जायेगी।अलबेले बिंदास शॉट ।मयंक  अग्रवाल 15 गेंदों पर 9 रन बनाकर कैच आउट हो गए।तब भारत का स्कोर 265 था।इसी बीच ऋषभ पंत ने 100 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था।

पहली इनिंग के बल्लेबाजी हीरो वाशिंगटन सुंदर अब ऋषभ पंत का साथ देने आये।सुंदर ने 2 चौके लगाए ,लेकिन कमिन्स पर पुल शॉट से छक्का यादगार था।सुंदर शॉट दर शॉट पंत को मैच कर रहे थे।

हालांकि दोनों का शॉट सेलेक्शन ऐसा था कि टीम इंडिया के प्रशंसकों की जान हलक में थी।

यहाँ तक आकर हारना दिल तोड़ने वाला होता।

सुंदर ने 29 गेंदों पर 22 रन बनाए और जब लायन ने उन्हें बोल्ड मारा ,तब भारत का स्कोर 6 विकेट पर  318 था।10 रन बाकी थे जीत को  ।फिर शार्दूल ठाकुर आये ,पहली पारी की बल्लेबाजी के दूसरे हीरो।

भारत 325 पर पहुंच चुका था, जीत के लिये मात्र 3 रन बनाने थे तब शार्दूल 2 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए।उन्हें हेजलवुड की गेंद पर लायन ने लपका।

भारत 325 /7

विश्वकप 199 में जिम्बाब्वे के खिलाफ  वाला मैच देखे लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे।उस मैच में ओलोंग ने टीम इंडिया को जीत के लिये  2 रन भी नहीं बनाने दिए थे आखिरी ओवर में।3 विकेट लिए थे।

मैच रोमांचक था ये भी |

पंत सामने पहुंच चुके थे ।इसी ओवर की अंतिम गेंद पर पंत ने सामने की तरफ एक ज़मीनी शॉट खेला और रन के लिये दौड़े।

पर इस शॉट के लिये इस दिशा में कोई फील्डर नहीं था।गेंद बाउंड्री पार ।चार रनों के लिये।

भारत मैच जीत चुका था |

ऋषभ पंत बल्ला उठा कर पवेलियन की तरफ भागे।अजिंक्य रहाणे ने रोहित शर्मा को गले लगा लिया।सिराज,सैनी ,सुंदर, गिल सब बाहर भागे।

टीम इंडिया ने गाबा में सीरीज का फाइनल मैच जीत लिया था,बिलकुल अनुभवहीन गेंदबाजी और कतई अलोकप्रिय बल्लेबाज़ी के साथ।

गाबा के इस ऐतिहासिक मैच के मैन ऑफ द मैच ऋषभ पंत घोषित किये गए ।

 श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पैट कमिन्स रहे।

स्लो पुजारा ,स्टाइलिश गिल ,और  उल्टे सीधे शॉट खेलने वाले पंत ने डेब्यूटेंट नटराजन, सुंदर, शार्दूल, सिराज ,सैनी के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ते हुए ये सीरीज जीत ली थी।।

और हिंदी कमेंट्रेटर विवेक राजदान की ये आवाज टीवी हिंदी कमेंट्री की एक यादगार लाइन बन गई ।

“टूटा है गाबा का घमंड !जीत गई है टीम इंडिया !”

अच्छी लगी हो तो फाइव स्टार देना।

विपुल।

विपुल

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2 thoughts on “सी यू एट गाबा

  1. 1983 की विश्व विजय, नेटवेस्ट में गांगुली शर्ट लेस, ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 2001 की घरेलू टेस्ट श्रृंखला, 2003-04 का एडिलेड टेस्ट, 2007 की टी 20 विश्व कप की जीत , 2011 का विश्व कप और सी यू एट गाबा अविस्मरणीय हो गए है।

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