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स्पिन, स्विंग और तेज गेंदबाजी 

आपका – विपुल

हिंदी दिवस पर हिंदी में ही बात कर लेते हैं और मेरे पसंदीदा विषय क्रिकेट पर।

एशिया कप 2023 चल रहा है और कुलदीप यादव के पाकिस्तान के विरुद्ध 5 विकेट, श्रीलंका के विरुद्ध 4 विकेट, कोहली और राहुल के शतक और रोहित के दो अर्धशतक बता रहे हैं कि भारतीय टीम कमजोर नहीं है।

जसप्रीत बुमराह की अच्छी तेज गेंदबाजी और हार्दिक पांड्या का हरफनमौला प्रदर्शन, ईशान किशन और शुभमन गिल के एक एक पचासे भी भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती बयां कर रही है।

मेरा आज का विषय एशिया कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन नहीं है।

बात गेंदबाजी की करेंगे , बात स्पिन और तेज गेंदबाजी की करेंगे।

पाकिस्तान के पास 150 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक फेंकने वाले 3 तेज तेज गेंदबाज हैं लेकिन मुझे नहीं दिखता कि टी 20 मैचों के अलावा टेस्ट मैचों और एकदिवसीय में ये गेंदबाज भारत ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका , इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के आगे कहीं टिके दिखते हों।

आप कमिंस,रबाडा,हेजलवुड, एंडरसन,बोल्ट  साउदी और बुमराह को क्या नसीम शाह, शाहीन और रऊफ से कम सक्षम मानते हैं क्या?

एक बात और तेज़ी ही सब कुछ होती तो विश्व के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में मुरली , वार्न और कुंबले का नाम सबसे ऊपर नहीं होता।

एंडरसन, मैकग्राथ, वाल्श, कपिल और हेडली भी तूफानी तेज नहीं थे।

मालकॉम मार्शल को क्रिकेट विशेषज्ञों ने सबसे अच्छा तेज गेंदबाज माना है जिनके पास आउटस्विंग, इनस्विंग, लेट स्विंग, लेगकटर, ऑफ़ कटर, बाउंसर, यॉर्कर, सब कुछ था और सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को चोट भी मार्शल ने पहुंचाई है पर वो तूफानी तेज नहीं थे।

हेडली के नाम एक समय सर्वाधिक टेस्ट विकेट का रिकॉर्ड रहा है, पर वो विशुद्ध स्विंग गेंदबाज थे।

86 टेस्ट मैचों में 431 विकेट अभूतपूर्व थे। क्या हेडली तेज़ी से विकेट लेते थे?

बिलकुल नहीं।

मार्शल के 81 मैचों में 21 से भी कम औसत से 376 विकेट थे। क्या तेज़ी से विकेट लिए?

बिलकुल नहीं।

केवल तेजी से विकेट मिलते होते तो शोएब अख़्तर 200 से कम टेस्ट विकेटों पर न रह जाते, ब्रेट ली को ऑस्ट्रेलिया में मैकग्राथ और मैक्डरमोट से बड़ा गेंदबाज माना जाता।

दक्षिण अफ्रीका के एलेन डोनाल्ड और डेल स्टेन ज़रूर दो ऐसे विशुद्ध तेज गेंदबाज रहे जिनकी गिनती आप महान गेंदबाजों में कर सकते हैं पर आपने स्टेन की स्विंग तो देखी ही होगी और डोनाल्ड केवल तेज ही नहीं सटीक भी हुआ करते थे। स्विंग भी अच्छी थी उनके पास।

फिर बात आती है स्पिनर की।

एक पुरानी कहावत है कि तेज गेंदबाजी आपको केवल डराती है, अच्छी स्पिन आपको शर्मिंदा कर देती है, नंगा कर देती है।

डेविड वार्नर की गिनती कोहली, रूट , विलियमसन और स्मिथ के साथ इसीलिए नहीं होती क्योंकि बाकी चारों के अलावा स्पिन खेलने में वार्नर कमजोर हैं।

1995 से 2007 तक ऑस्ट्रेलिया को अजेय बनाने में लेग स्पिनर शेन वार्न एक बड़ा कारण थे।

श्रीलंका को क्रिकेट की शीर्ष शक्तियों में पहुंचाने में मुरली और जयसूर्या की स्पिन का अच्छा योगदान था।

कुंबले और हरभजन पूर्वकाल में भारत के बड़े मैच विनर थे और वर्तमान समय में अश्विन, जडेजा , कुलदीप और अक्षर का योगदान बहुत रहा है भारत को लगातार दो बार विश्व टेस्ट चैंपियन शिप फाइनल खिलवाने में।

अच्छी स्पिन और अच्छी स्विंग गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए हमेशा मुश्किल है बनिस्बत तूफानी तेज गेंदबाजी के।

आजकल बल्लेबाज सुरक्षा उपकरण पहन के तेज गेंदें आसानी से खेल लेते हैं क्योंकि वो गेंदबाजी मशीनें 160 की स्पीड से भी गेंद फेंक सकती है जिससे ये बल्लेबाज अभ्यास करते हैं, पर अच्छी लेग स्पिन, ऑफ़ स्पिन , रिवर्स स्विंग,गुगली और फ्लिपर खेलने का अभ्यास शायद ही ये बॉलिंग मशीनें करवा पाएं।

आपका – विपुल

सर्वाधिकार सुरक्षित – Exxcricketer.com 


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