Spread the love

विपुल
कहानी उन दिनों की है जब भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी मर्दाना हुआ करते थे।सतरंगी नहीं।ज़्यादा शालीन और साहित्यिक लोग न पढें।गन्दा है।

सचिन तेंदुलकर सा भाग्य वाकई बहुत कम लोगों का होता है।
वाकई।
कपिल देव पामोलिव से शेव करने चले गए थे।अज़हर ,विनोद काम्बली ,मनोज प्रभाकर और अजय जडेजा दहला पकड़ खेलने में व्यस्त थे।रवि शास्त्री अमृता सिंह से फोन पर लगे थे और संजय मांजरेकर ,श्रीकांत अंदर श्रीनाथ बाहर बोलकर कमेंट्री की प्रैक्टिस कर रहे थे।
सो सचिन को इमली खाने को मिल रही थी।

सचिन की इमली खाने की आदत से सब परेशान थे।
18 साल के सचिन की मरदानगी जगाने की कोशिश कपिल देव बहुत करते थे ,जिन्हें अब बात बात पर गाली देने की आदत थी।
अचानक भारतीय ड्रेसिंग रूम से लड़ाई की आवाज़ें आने लगीं।
सबने देखा ,इमरान अपने कुछ साथियों के साथ भारतीय ड्रेसिंग रूम में आये थे।

“bsdk ,मैंने कब गाली दी ?”कपिल बोले।
“तो ये क्या है बे ?”इमरान बोले ?
“अबे ,तुझे मैं गाली दूंगा ही क्यों bsdk ?”कपिल फिर बोले।
फिर कमरे में आये श्रीकांत को देख परेशानी भरे लहजे में बोले।
“Bsdk चीका !इस गधे के ज़ुबैर को समझाओ ।मैं इस bsd वाले को गाली दूंगा ही क्यों?”

खैर बड़ी देर बाद कपिल चुप हुये।
फिर एक पैक्ट हुआ भारत पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच।
आज कोई गाली नहीं देगा।
गाली देने वाले को 1 लाख रुपये प्रति गाली का जुर्माना भरना पड़ेगा।
मैच शुरू हुआ ।
4 मार्च 1992
सिडनी
एकदिवसीय विश्वकप
राउंड रोबिन लीग मैच
भारत बनाम पाकिस्तान
49 ओवर का ।1 ओवर मौसम खा गया या कपिल इमरान का
झगड़ा?
क्या पता ?

टॉस भारत जीता और अज़हर ने बैटिंग का फैसला लिया।
तब चेस मास्टर नहीं होते थे न ।
ओपनिंग में अजय जडेजा और कृष्णमचारी श्रीकांत आये।
अजय जडेजा को स्टेडियम से किसी बुकी का इशारा नहीं आया था ।श्रीकांत को ज़ल्दी नहीं थी ।श्रीकांत ने 12.82 के स्ट्राइक रेट से 39 गेंदों पर 5 झन्नाटेदार रन बनाए थे।फिर थक गए

आक़िब जावेद ने अपने 5वें ओवर की पांचवीं गेंद पर श्रीकांत को मोइन खान के हाथों कैच करवा दिया ।
“एनना रासकला “
श्रीकांत जोर से चिल्लाए।
“गाली दी ।इसने गाली दी ।”
आक़िब चिल्लाए।
“मुझे एक लाख दिलवाओ “
“भकक !ये गाली थोड़े ही होती।”अजय जडेजा मुस्कुरा के बोले।
“एनना मतलब बड़ा भाई ।”
“रास मतलब घोड़े की रास।”
“कला मतलब आर्ट ।”
मतलब तुम्हारी आर्ट ने बड़े भाई के रनों के अश्वमेध के घोड़े के ऊपर रास डालकर थाम लिया ।”
आक़िब को मदरसे में उर्दू नहीं समझा आई थी कभी, हिंदी क्या समझते ?
सिर हिला के रह गए।
अज़हर और जडेजा ने स्कोर 25 ओवर में 86 तक पहुंचाया।अज़हर ने 48 गेंदो पर 32 रन बनाए थे।मुश्ताक अहमद की गेंद पर मोइन खान ने उनका कैच पकड़ा था।
अज़हर निराश होकर खुद पर चिल्ल्ला पड़े।
“यार कैसे जे बी बॉलर पर आउट हो गया।?”
“गाली दी ,अज़हर ने गाली दी ।”मुश्ताक चिल्ला पड़े।मुझे झामत बराबर बॉलर बोला।”1 लाख दिलवाओ।
“अरे मुश्ताक भाई !”अजय जडेजा ने मुस्कुरा कर कहा “अज़हर भाई आपको वो नहीं कह रहे जो तुम हो।”
“अज़हर भाई तुम्हें जेम्स बांड बॉलर बोल रहे हैं।

विनोद कांबली ने अजय जडेजा का अच्छा साथ दिया लेकिन तब तक अजय जडेजा को स्टेडियम में लाल रूमाल सर पर बांधे व्यक्ति दिख गया था।
इशारा हुआ।अजय जडेजा आउट हो गए।
वसीम हैदर की गेंद पर ज़ाहिद फैजल ने कैच पकड़ा था।
भारत का स्कोर था 28 गेंदों में 101 रन ।अजय जडेजा ने 77 गेंदों पर रो रोकर 46 रन बनाये थे।2 चौके।

“भेंड़ चोर ।”
अजय जडेजा बोल उठे।
“गाली तो ढंग की देता।”
वसीम हैदर चिढ़ के बोले।

“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है?-जडेजा की बेफिटिंग रिप्लाय।

अब मुख्य बल्लेबाज क्रीज़ पर थे वो विनोद कांबली जिनकी ज़िंदगी की पहली कमाई क्रिकेट से नहीं ,फेयर एंड लवली के विज्ञापन से हुई थी ।
काम्बली ही 1991 की फेयर एंड लवली के विज्ञापन में वो मोटी काली और भद्दी लड़की बने थे जो फेयर एंड लवली लगाने के बाद सेलखड़ी सी सफेद हो जाती थी।
“क्या चल रहा है धन्नो ?”
मुश्ताक अहमद ने पूँछा विनोद कांबली का मज़ाक उड़ाते हुये पूँछा।
” मेरा तो ठीक ही चल रहा ,पर तेरी आरफा में चुनचुने क्यों काट रहे ?”काम्बली बोले।
“गेंद फेंक।”

सचिन तेंदुलकर अब काम्बली का साथ देने क्रीज़ पर आए थे।
वो मुश्ताक अहमद के हावभाव देख कुछ परेशान थे।
थूंक लगाकर तिकोना मुंह बनाकर गेंद फेंकते मुश्ताक को देख कर उनसे रहा नहीं गया।
नॉन स्ट्राइकर एंड पर थे तब मुश्ताक से बोले।
“कब से दिक्कत है ?”
‘कल से ।”
“मेरे पास आगरा वाले डॉक्टर का नंबर है।बढ़िया है।”
“नहीं मेरा काम अर्शकल्प जेल से चल जाएगा ।”
“जेल में नहीं रखते आगरा में ,बेड देते हैं ।”
मुश्ताक ने सचिन को घूर कर देखा।
“मुझे बवासीर की दिक्कत है।तू अपना काम कर ।”
सचिन ये बात दिल पर ले गए ।उन्होंने अपना ही काम करना शुरू कर दिया।वो काम जो आज भी 50 साल की उम्र में कर रहे हैं।
रन बनाने का काम।

40वें ओवर की दूसरी गेंद पर विनोद कांबली को मजबूत बैकग्राउण्ड वाले मुश्ताक अहमद ने फंसाया ,काम्बली का कैच भी मजबूत बैकग्राउण्ड वाले इंजमाम उल हक ने पकड़ा था।काम्बली को याद आया
सचिन ने कल ही कपिल देव से पूँछा था।
“ये इन पाकिस्तानी प्लेयर्स के बैकग्राउंड इतने मजबूत क्यों हैं”
और ज़वाब में कपिल बस इतना ही बोले थे।
“इमरान खान पठान है ।”

कूड़ा होता है और एक कर्कट ।
कूड़ा फिर भी काम आता है।प्लाट की भराई, कुत्तों के खाने को।
कर्कट तो बेकार ही होता है।
एक गोबर होता है ,कच्चे मकान लीपने में काम आता है।ईंधन बनता है।
एक गू होता है,खेतों की खाद बनाता है।
एक सुअर का गू होता है।किसी काम नहीं आता।
ये ऐसे ही बताया।इस बात से इसका कोई संबंध नहीं कि काम्बली की जगह खेलने आये चैड बोलिविया ,मोज़ाम्बिक और घाना में बहुत पॉपुलर संजय मांजरेकर पहली ही गेंद पर 0 पर क्लीन बोल्ड हो गए।मुश्ताक अहमद ने एक ओवर में शिकार किये थे।भारत का स्कोर 148/5 -39.4 ओवर।

कपिल देव सचिन का साथ देने मैदान में उतरे।इमरान खान वसीम अकरम मुश्ताक आक़िब सभी पाकिस्तानी गेंदबाज लगातार अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे थे।
“आज गाली नहीं देगा मदर फ्यूचर ?”इमरान ने कपिल को छेड़ा।
“नही, बृहस्पतिवार को किन्नरों को गाली नहीं देता।”
कपिल की बेफिटिंग रिप्लाई।

सचिन तेंदुलकर और कपिल देव ने 8 ओवर में 60 रन जोड़ दिए।
कपिल ने 2 चौके और 1 छक्का मार कर 26 गेंदों पर 35 रन बनाए थे।कपिल को आक़िब जावेद की गेंद पर इमरान खान ने पकड़ा था।ओवर हुये थे 40.4 ,रन 208/6

कपिल ने ज़िम्मेदार सीनियर प्लेयर होने के नाते गाली न देने वाले पैक्ट का सम्मान किया था ,इसलिए इमरान को गाली नहीं दी थी।
बस मुस्कुराते हुये इमरान के पास से ये कहते निकल गए।
“मादर चोर, फादर चोर।”
“गाली तो ढंग की देता “
“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है ?”

किरण मोरे 4(4) को वसीम अकरम ने 48.3 ओवर में 213 के स्कोर पर आउट कर दिया।
मनोज प्रभाकर 1 गेंद पर 2 रन बनाकर नाबाद रहे।
सचिन तेंदुलकर 3 चौकों की मदद से 62 गेंदों पर 54 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत ने निर्धारित 49 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन बनाए थे।पिच तेज़ थी।भारत को 20 रन अतिरिक्त के मिले थे।लेग स्पिनर मुश्ताक अहमद ने 10 ओवर में 59 रन देकर 3 विकेट लिये थे।
आक़िब जावेद ने 8 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिये थे।वसीम हैदर ने 1 विकेट लिया था ।पाकिस्तान को जीत के लिये 218 रनों का लक्ष्य मिला था।
218 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत बहुत खराब हुई।
कपिल देव ने ओपनिंग करने आए इंजमाम उल हक को 8 के टीम स्कोर पर पगबाधा और मनोज प्रभाकर ने 17 रनों के टीम स्कोर पर वन डाउन ज़ाहिद फ़ज़ल को मोरे के हाथों कैच आउट करवा दिया।ओवर हुये थे मात्र 5.3।इंजमाम और ज़ाहिद फ़ज़ल दोनों ने 2 -2 रन बनाए थे।

यहाँ पर ओपनर आमिर सोहेल और अनुभवी पाकिस्तानी दिग्गज जावेद मियांदाद ने एक पार्टनरशिप की।काफी देर विकेट न गिरता देखने के बाद अज़हर ने टीम मीटिंग के लिये फील्ड में सबको बुलाया ,एक सर्कल बनाया और एक रणनीति बनाई ।
अगली ही गेंद से किरण मोरे विकेट के पीछे से हर गेंद के पहले चिल्ल्ला के बोलने लगे।
“अंडी मंडी शनडी
जो इस गेंद पर आउट न हो ।

उसकी।”

इतना कह के रुकते।

थोड़ी देर ये चलता रहा, फिर एक बार फिर किरण मोरे बोले
“अंडी मंडी शनडी ।जो इस गेंद पर आउट न हो ,उसकी —-
“उसकी ?”अबकी जावेद मियांदाद ने पलट के पूँछ ही लिया।
“बोल न ?उसकी ?”
“उसकी माँ अल्लाह की नेक बंदी।”-मोरे मुस्कुरा के बोले ।
“गाली तो ढंग की देता ?”
“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है?”
बवाल हो गया।वाकई ।बहुत बड़ा बवाल।

जावेद मियांदाद जो खुद को ब्रेडमैन के बाद और तेंदुलकर से पहले का सबसे बड़ा खिलाड़ी मानते थे,उन्हें बात दिल पर लग गई ।
बीच क्रीज़ पर कूदने लगे।
थोड़ी देर बाद कपिल ने आकर मियांदाद को शांत किया।
“बे मियांदाद तू लव डे का बेस्ट प्लेयर है।”
“लव डे का ?”
“हर दिन प्यार का ही तो बे ।लव का।तू हर दिन का बेस्ट प्लेयर है।
तू लव डे का बेस्ट प्लेयर है।”
जावेद मियांदाद खुश होकर बैटिंग करने लौटे लेकिन तब तक उनके कंसन्ट्रेशन की कुंडली में कालसर्प दोष बैठ चुका था।

थोड़ी देर ये चलता रहा, फिर एक बार फिर मोरे बोले
“अंडी मंडी शनडी ।जो इस गेंद पर आउट न हो ,उसकी —-
“उसकी ?”अबकी आमिर सोहेल ने पलट के पूँछ ही लिया।
“बोल न ?उसकी ?”
“उसकी माँ अल्लाह की नेक बंदी।”-मोरे मुस्कुरा के बोले ।
“गाली तो ढंग की देता ?”
“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है?”
बवाल हो गया फिर से

आमिर सोहेल नाराज़ हो गए।उनका ध्यान भंग हुआ और सचिन की गेंद पर श्रीकांत को कैच दे बैठे।सोहेल ने 95 गेंदों पर 6 चौकों सहित 62 रन बनाए थे।पाकिस्तान 30.1 ओवर में 105 /3

सलीम मलिक बहुत जल्दी में थे।अपनी अंडों की रेहड़ी इंजमाम के भरोसे छोड़कर आये थे और अब उन्हें लग रहा था ,बिल्ली को दूध की रखवाली देने जैसा काम हो गया है उनसे।2 चौके मारे , 9 गेंदों पर 12 रन बनाए और प्रभाकर की गेंद पर मोरे को कैचथमा कर चलते बने ।
“12 से ज़्यादा अंडे नहीं खाये होंगे इंजमाम ने।”
मलिक मन में हिसाब लगा रहे थे।

पाकिस्तान 127/4
ओवर 33.4

इमरान खान 5 गेंदे खेलने के बावजूद खाता नहीं खोल पाये थे।राजू और मोरे की जुगलबंदी से रन आउट हो गए जीरो पर ही।
“बेन के ज़ुबैर ।”कपिल इमरान पास में आके बोले।
“गाली तो ढंग की देते।”
“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है?”
पाकिस्तान 130/5
36.4 ओवर
वसीम अकरम आये।

वसीम अकरम 8 गेंदों पर 4 रन बनाकर वेंकटपति राजू की गेंद पर मोरे को कैच पकड़ा गये।
पाकिस्तान 141/6
39 ओवर।

लव डे के बेस्ट प्लेयर जावेद मियांदाद की ईनिंग की एक्सपायरी डेट आ गई थी।
शानदार श्रीनाथ ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया ।
जावेद मियांदाद ने 110 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 40 रन बनाये थे।
पाकिस्तान 141 /7
39.3 ओवर
वसीम हैदर और मोइन खान ने पाकिस्तान की पारी खींची ।20 रन जोड़े।161 के स्कोर पर मोइन खान 12 (12 ) को कपिल देव ने संजय मांजरेकर के हाथों कैच आउट करवा दिया।पाकिस्तान 161/8 -43 ओवर।
5 रन बाद ही मुश्ताक अहमद 3 (4) को अज़हर और कपिल ने रन आउट कर दिया।
पाकिस्तान 166/9 -44.1 ओवर
अंतिम ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिये 44 रन बनाने थे।श्रीनाथ के हाथ में गेंद थी।पहली ही गेंद पर वसीम हैदर को बोल्ड कर दिया।
पाकिस्तान 173 पर आल आउट।भारत 43 रनों से जीता ।नॉन स्ट्राइकर पर 12 गेंदों पर 1 बनाकर नाबाद रहे आक़िब जावेद को श्रीनाथ ने चिढ़ाया।
“मादर चोर ,फादर चोर हार गए।”
“गाली तो ढंग की देते ?”
“तू प्लेयर भी कौन सा ढंग का है ?”

सारे भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की थी।
कपिल -10-0-30-2
प्रभाकर -10-1-22-2
श्रीनाथ -8.1-0-37-2
सचिन -10-0-37-1
राजू -10-1-41-1
सचिन तेंदुलकर मैन ऑफ द मैच रहे ।

विपुल
सर्वाधिकार सुरक्षित -Exxcricketer.com


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *