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साकेत अग्रवाल

भाग 1

भाग 2

भाग 3

FIFA फुटबॉल विश्वकप – शुरू से अब तक (भाग – 4, अंतिम भाग)

सोलहवां विश्वकप ( 1998 फ्रांस)

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सोलहवां विश्वकप ( 1998, फ्रांस) :

इस विश्वकप में टीमों की संख्या 24 से बढ़ा कर 32 कर दी गई थी । यूगोस्लाविया से पृथक होने के बाद क्रोशिया पहली बार विश्व कप खेल रहा था |दूसरी नई टीम जमैका की थी। इस विश्व कप में गोल्डन गोल का नियम बनाया गया। इस नियम के अनुसार मैच के अतिरिक्त समय में पहुंचने पर जो टीम पहला गोल दागेगी उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा। बुजुर्गो की टीम का तमगा लेकर विश्व कप में खेलने रही जर्मन टीम का रास्ता क्वार्टर फाइनल में नई नवेली टीम क्रोशिया ने रोका। क्रोशिया ने अपने पहले विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान फ्रांस और गत विजेता ब्राजील की टीमें फाइनल में पहुंचीं। फाइनल के पहले तक फुटबॉल पंडितों का मानना था कि अपनी प्रतिभा और शानदार खेल के बल पर रोनाल्डो अकेले ही ब्राजील को पांचवीं बार विश्व विजेता बना देगा। हालांकि फाइनल में रोनाल्डो और ब्राजील अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर पाए और उनकी ओर से बेहद साधारण स्तर की फुटबॉल खेली गई। फ्रांस के लिए जिनेदिन जिदान ने 2 और पेटिट ने 1 गोल किया। फ्रांस ने ब्राजील को 3-0 से हराया और पहली बार विश्व विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। सोलहवां विश्वकप :- विजेता – फ्रांस, उपविजेता – ब्राजील फाइनल – फ्रांस 3 – ब्राजील 0

सत्रहवां विश्वकप (2002 दक्षिण कोरिया और जापान)

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सत्रहवां विश्वकप (2002, दक्षिण कोरिया और जापान) :

एशिया महाद्वीप पर आयोजित होने वाला ये पहला फुटबॉल विश्वकप था। ये पहला फुटबॉल विश्वकप था जिसकी मेजबानी दो देशों ने संयुक्त रूप से की। चीन, इक्वाडोर, सेनेगल और स्लोवेनिया ने पहली बार विश्व कप में भाग लिया। गत विजेता फ्रांस का प्रदर्शन इस विश्वकप में बेहद खराब रहा। नई नवेली सेनेगल और डेनमार्क की टीम से हारकर वे अपने ग्रुप में चौथे स्थान पर रहे। उरुग्वे, पुर्तगाल, अर्जेंटीना जैसी फुटबॉल शक्तियां भी नॉक आउट राउंड में नहीं पहुंच पाईं। मेजबान दक्षिण कोरिया इस विश्वकप की सनसनीखेज टीम सिद्ध हुई। वे पोलैंड और पुर्तगाल को हराकर अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे। दक्षिण कोरिया ने प्री-क्वार्टर फाइनल में इटली और क्वार्टर फाइनल में स्पेन जैसी फुटबॉल महाशक्तियों को हराया। दक्षिण कोरिया के विजय रथ को जर्मन टीम ने सेमीफाइनल में रोका। अंत में दक्षिण कोरिया ने चौथा स्थान प्राप्त किया। ये विश्वकप में उनका आजतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। जर्मनी और ब्राजील फाइनल में पहुंचे। जर्मन गोलची ओलीवर कहान पूरे विश्वकप में एक दीवार की भांति खेला जिसे सेमीफाइनल तक भेदना विपक्षी टीमों के लिए टेढ़ी खीर रहा। ब्राजील की सफलता का सारा दारोमदार रोनाल्डो पर था और इस बार रोनाल्डो ने निराश भी नहीं किया। फाइनल में जो दो गोल हुए वो दोनों रोनाल्डो ने किए। ब्राजील पांच बार विश्व कप जीतने वाला पहला देश बना। फुटबॉल पंडितों ने पांच बार की विश्व विजेता ब्राजील को एक नया नाम दिया ! “पेंटा ब्राजील” Penta = 5 सत्रहवां विश्वकप :- विजेता – ब्राजील, उपविजेता – जर्मनी फाइनल :- ब्राजील 2 – जर्मनी 0

अठारहवां विश्वकप (2006 जर्मनी)

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अठारहवां विश्वकप (2006, जर्मनी) :

अंगोला, घाना, आइवरी कोस्ट, टोगो, ट्रिनिडाड एंड टोबैगो, यूक्रेन,चेक रिपब्लिक और सर्बिया-मोंटेनेग्रो की टीमें पहली बार विश्वकप में खेली। सर्बिया-मोंटेनेग्रो पहली और अंतिम एक साथ एक नाम से खेले। बाद में मोंटेनेग्रो, सर्बिया से अलग होकर एक अलग देश बना। ग्रुप मैचों अर्जेंटीना की टीम ने सबसे अधिक प्रभावित किया। सर्बिया-मोंटेनेग्रो के विरुद्ध मैच में मिली 6-0 की जीत में अर्जेंटीना द्वारा किए दूसरे गोल को इस विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ गोल माना गया। गत विजेता ब्राजील क्वार्टर फाइनल में फ्रांस से हारा। फ्रांस और इटली फाइनल में पहुंचे। जिनेदिन जिदान ने पेनाल्टी पर गोल कर फ्रांस को 1-0 से आगे कर दिया। कुछ देर बाद इटली के डिफेंडर मार्को मतेराजी ने इटली के लिए बराबरी वाला गोल किया। इसके बाद निर्धारित समय और अतिरिक्त समय को मिलाकर कुल 120 मिनट में और कोई गोल नहीं हुआ। 110वें मिनट में फुटबॉल इतिहास की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में से एक घटना मैदान में घटी। फ्रांस के जिनेदिन जिदान ने इटली के मार्को मतेराजी के सीने पर सिर से प्रहार किया। जिदान को लाल कार्ड दिखाया गया। बाद में जिदान ने आरोप लगाया कि मतेराजी ने उनके लिए और उनके परिवारजनों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। जिदान के मैदान से बाहर जाते ही फ्रांस का मनोबल गिर गया। ये मात्र दूसरा अवसर था जब फाइनल का निर्णय पेनल्टी शूटआउट के माध्यम से हुआ। इटली ने फ्रांस को 5-3 से हराया और चौथी बार विश्व विजेता बनने वाला दूसरा देश बना। अठारहवां विश्वकप :- विजेता – इटली, उपविजेता – फ्रांस फाइनल – इटली 1(5) – फ्रांस 1(3)

उन्नीसवां विश्वकप (2010 दक्षिण अफ्रीका)

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उन्नीसवां विश्वकप (2010, दक्षिण अफ्रीका) :

अफ्रीका महाद्वीप पर खेला जाने वाला यह पहला विश्वकप था दक्षिण अफ्रीका, स्लोवाकिया और सर्बिया नई टीमें थी। विश्वकप प्रारंभ होने से पहले अर्जेंटीना, ब्राजील, जर्मनी और स्पेन विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार थी। स्पेन, यूरो कप 2008 का चैंपियन था। फुटबॉल के महान खिलाड़ी डियागो मेराडोना अर्जेंटीना के कोच थे और लियोनेल मैस्सी के रुप में अर्जेंटीना के पास बेमिसाल खिलाड़ी था। लेकिन अर्जेंटीना की टीम क्वार्टर फाइनल तक ही पहुंच पाई, वहां जर्मनी ने उन्हें 4-0 से पराजित किया। दूसरे दावेदार ब्राजील का रास्ता नीदरलैंड ने क्वार्टर फाइनल में रोका। अन्य दो दावेदारों जर्मनी और स्पेन का आमना-सामना सेमीफाइनल में हुआ जहां स्पेन ने जर्मनी को हरा दिया। दूसरे सेमीफाइनल में नीदरलैंड ने उरुग्वे को हराया| फाइनल मुकाबले में निर्धारित समय तक न तो नीदरलैंड और न ही स्पेन गोल कर पाईं। मैच अतिरिक्त समय में पहुंचा जहां आंद्रे इनिएस्ता के गोल की सहायता से स्पेन ने नीदरलैंड को हरा दिया। नीदरलैंड तीसरी बार फाइनल में पहुंचा लेकिन पिछली दो बार की तरह इस बार भी जीत नहीं पाया। स्पेन नया विश्व चैंपियन बना। स्पेन ने इसके बाद यूरो कप 2012 को भी जीता। फुटबॉल पंडितों ने उस समय के स्पेन के खिलाड़ीयों को स्पेन फुटबॉल की “गोल्डन जेनरेशन” कहा। उन्नीसवां विश्वकप :- विजेता – स्पेन, उपविजेता – नीदरलैंड फाइनल – स्पेन 1 – नीदरलैंड 0

बीसवां विश्वकप (2014 ब्राजील)

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बीसवां विश्वकप (2014, ब्राजील) :

ब्राजील में आयोजित होने वाला ये दूसरा विश्वकप था। ब्राजील इससे पहले 1950 में भी विश्व कप की मेजबानी कर चुका था। घरेलू समर्थन के बल पर ब्राजील विश्वकप जीतने के जोरदार दावेदार थी। गत विजेता स्पेन और गत उपविजेता नीदरलैंड एक ही ग्रुप में थे। नीदरलैंड ने पिछले फाइनल में मिली हार का बदला लिया और ग्रुप मैच में स्पेन को 5-1 से पटखनी दी। गत विजेता स्पेन ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। ब्राजील की सफलता का सारा दारोमदार नेमार पर था, नेमार ने 3 ग्रुप मैचों में 4 गोल किए। क्वार्टर फाइनल में नेमार चोटिल होकर विश्वकप से बाहर हो गया इससे ब्राजील की टीम निराश हो गई और उनका मनोबल बिलकुल ही टूट गया। सेमीफाइनल में जर्मन टीम ने ब्राजील की टीम के इसी टूटे मनोबल का लाभ उठाया और ब्राजील को 7-1 के विशाल अंतर से पराजित कर दिया। ब्राजील की इतने बड़े अंतर से हार पर फुटबॉल जगत भौंचक्का हो गया। ब्राजील की ऐसी अपमानजनक हार की कल्पना किसी ने भी नहीं की थी ये अब तक की ब्राजील की सबसे बड़ी हार थी, ब्राजील के लिए ये हार, हार नहीं एक अपमान था। दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में हराया। जर्मनी और अर्जेंटीना की टीम फाइनल में थी जहां जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल अतिरिक्त समय में हुआ। जर्मन टीम, ब्राजील और इटली के बाद चौथी बार विश्वकप जीतने वाली तीसरी टीम बनी। बीसवां विश्वकप :- विजेता – जर्मनी, उपविजेता – अर्जेंटीना फाइनल :- जर्मनी 1 – अर्जेंटीना 0

इक्कीसवां विश्वकप (2018 रूस )

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इक्कीसवां विश्वकप (2018 रूस ) :

आइसलैंड और पनामा ने पहली बार विश्वकप के लिए क्वालीफाई किया। इस विश्वकप में पहली बार Video Assistant Referee (VAR) System का प्रयोग किया गया। इस सिस्टम के अंतर्गत वीडियो फुटेज को देखकर, स्थिति की समीक्षा के बाद रेफरी के निर्णय को बदला जा सकता था। गत विजेता जर्मनी को मैक्सिको और दक्षिण कोरिया ने ग्रुप मैच में हराकर विश्व कप से बाहर का रास्ता दिखाया और इस प्रकार पिछले विश्वकप की भांति इस विश्वकप में भी गत विजेता ग्रुप चरण से ही विश्वकप से बाहर हो गई। 1938 के बाद ये पहला अवसर था जब जर्मन टीम ग्रुप चरण से ही विश्वकप से बाहर हो गई। नॉक आउट चरण में मेजबान रशिया के मैच बड़े ही नाटकीय रहे। प्री-क्वार्टर फाइनल में जहां उन्होंने पेनल्टी शूटआउट में डेनमार्क को हराकर विश्वकप से बाहर किया वहीं क्वार्टर फाइनल में वे स्वयं क्रोशिया के हाथों पेनल्टी शूटआउट में ही पराजित होकर विश्वकप से बाहर हो गए। फ्रांस, बेल्जियम, क्रोशिया और इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचे। क्रोशिया और बेल्जियम के शानदार प्रदर्शन के कारण अधिकतर लोगों की सहानुभूति इन दोनों टीमों के साथ थी। क्रोशिया तो इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचीं लेकिन बेल्जियम की टीम फ्रांस की टीम से पार नहीं पा पाई। फाइनल क्रोशिया और फ्रांस के मध्य खेला गया। फाइनल में फ्रांस ने क्रोशिया को हराया और दूसरी बार विश्वविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। पिछले चार विश्वकप फाइनल में कुल मिलाकर 6 गोल हुए थे। 2018 के विश्वकप फाइनल में 6 गोल हुए। बीसवां विश्वकप :- विजेता – फ्रांस, उपविजेता – क्रोशिया फाइनल :- फ्रांस 4 – क्रोशिया 2

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