
भारतीय क्रिकेट की चौथाई सदी की सबसे बड़ी असफलतायें
विपुल मिश्रा
पिछली बार बात भारतीय क्रिकेट की पिछ्ले 25 सालों की सफलताओं पर की थी |इस बार बात पिछले 25 सालों की सबसे बड़ी असफलताओं पर होगी |नये साल पर मूड अच्छा रखने को अच्छी अच्छी बातें करनी थीं पर गौतम गंभीर अभी भी भारतीय टेस्ट टीम के कोच हैं और उनके चहेते आयुष बदोनी रिंकू सिंह रियान पराग जैसों को पार करते हुये भारतीय वनडे टीम में आ ही चुके हैं तो फिर आज पिछले 25 सालों की भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी असफलताओं पर बात करना बनता भी है |

2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में सम्पूर्ण सफाया
2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में सम्पूर्ण सफाया
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 1955 से टेस्ट मैच खेलना शुरू किया और अपने घर में भारत 2024 से पहले तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारा था |न्यूजीलैंड भारत में अपना आखिरी टेस्ट मैच तब जीता था 1988 में जब रिचर्ड हेडली ने वानखेड़े में 10 विकेट लिये थे और जॉन ब्रेसवेल ने 8 |इसके बाद 2024 में न्यूजीलैंड के भारत दौरे तक न्यूजीलैंड भारत में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता था |
पूरे 36 साल तक न्यूजीलैंड भारत में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता था और तब सीन में गौतम गंभीर आये जिन्होंने भारत की टेस्ट टीम को कोचिंग देने की कमान अपने हाथ में ली थी और उनका साथ पिछले 5 वर्षों में मात्र 2 टेस्ट शतक लगाने वाले विराट कोहली और 2023 विश्वकप फाइनल की पिच क्यूरेटरों से कह कर बदलवा देने वाले कप्तान रोहित शर्मा ने दिया |

सीरीज का पहला मैच बेंगलुरु में हुआ और भारत ने टॉस जीत कर पहले खेलने का फैसला लिया |पहला पूरा दिन बारिश ने बर्बाद किया और दूसरे दिन भारत की पहली पारी उतनी देर भी न चली जितनी देर एक नार्मल आईपीएल मैच चलता है |
पूरी भारतीय टीम 46 रनों पर आउट हो गयी जो आरसीबी के न्यूनतम स्कोर 49 से भी तीन रन कम था |कोहली सरफ़राज़ राहुल जडेजा और अश्विन ने जीरो बनाया ,रोहित ने 2 ,कुलदीप 1 और सिराज ने 4 |सबसे ज्यादा 20 रन ऋषभ पन्त ने बनाये थे और उसके बाद यशस्वी जायसवाल के 13 थे |
मैट हेनरी और विल ओ रोर्की ने भारत की बैंड बजा दी थी क्रमशः 5 और 4 विकेट लेकर |
न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में रचिन रवींद्र के शतक और डेवोन कांवे के बाद टिम साउदी के अर्धशतकों की मदद से 402 रन बना डाले |
एक समय न्यूजीलैंड का स्कोर साउदी विकेट पर 233 था पर टिम साउदी की बल्लेबाजी ने मैच का रुख तय कर दिया था |

लगभग साढ़े तीन सौ रन से पिछड़ने के बाद रोहित और कोहली के अर्धशतक दूसरी पारी में आये और ऋषभ पन्त 1 रन से अपने शतक से चूक गये|इस भारतीय पारी के स्टार बॉय सरफ़राज़ खान रहे जिन्होंने अद्भुत स्ट्रोक प्ले का प्रदर्शन करते हुये 150 रन 76 के स्ट्राइक रेट से बनाये|

भारत की दूसरी पारी 462 रनों पर ख़त्म हुई और न्यूजीलैंड को जीत के लिये 107 रनों का लक्ष्य मिला जो उसने 2 विकेट खोकर पा लिया |
1988 के बाद न्यूजीलैंड की भारत में ये पहली टेस्ट जीत थी |
लेकिन बात यहीं ख़त्म नहीं हुई |
अगले पुणे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी की और अपनी पहली पारी डेवोन कांवे और रचिन रवींद्र के अर्धशतकों की मदद से 259 पर ख़त्म की |टीम में अचानक आये वाशिंगटन सुंदर ने 7 विकेट लिये थे|ज़वाब में भारत की पहली पारी 156 पर सिमट गई जिसमें सर्वाधिक 38 रन रवींद्र जडेजा के थे|
मिशेल सेंटनर ने 7 विकेट लिये थे |

दूसरी पारी में टॉम लैथम के 86 रनों की मदद से न्यूजीलैंड ने 255 रन बना डाले |सुन्दर ने इस पारी में भी सबसे ज्यादा 4 विकेट लिये थे |भारत को जीत के लिये 359 रन बनाने थे |
भारत की दूसरी पारी 245 रनों पर समाप्त हो गई जिसमें यशस्वी जायसवाल के सर्वाधिक 77 रन थे|सेंटनर ने इस पारी में 6 विकेट लिये थे |
भारत 113 रनों से हारा और न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीत ली |
पर अभी गौतम गंभीर की कोचिंग और रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारत की टेस्ट टीम की बेईज्जती ढंग से नहीं हुई थी |
सीरीज का तीसरा टेस्ट वानखेड़े में हुआ |न्यूजीलैंड ने फिर टॉस जीता और फिर बल्लेबाजी ली|विल यंग के 71 और डैरिल मिचेल के 82 रनों की मदद से न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 235 रन बनाये|जडेजा ने 5 विकेट लिये|भारत ने शुभमन गिल के 90 ,ऋषभ पन्त के 60 और वाशिंगटन सुन्दर के 38 रनों की मदद से 263 रन बना कर सीरीज में पहली बार न्यूजीलैंड पर लीड ली|

न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में मात्र विल यंग ही अर्धशतक बना पाये और न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 174 पर ख़त्म हुई |
भारत को ये टेस्ट मैच जीतने के लिये मात्र 147 रन बनाने थे और भारत की पूरी टीम 121 रनों पर आल आउट हो गई जिसमें सर्वाधिक 60 रन ऋषभ पन्त के थे |एजाज़ पटेल जिन्होंने पहली पारी में 5 विकेट लिये थे ,इस पारी में 6 विकेट ले गये|
भारत क्रिकेट इतिहास में न केवल पहली बार न्यूजीलैंड से हारा था बल्कि पहली बार अपने घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का वो हुआ था जिसे टेस्ट क्रिकेट की भाषा में व्हाइट वाश कहते हैं |सम्पूर्ण सफाया |
2007 एकदिवसीय विश्वकप
2007 एकदिवसीय विश्वकप
उस ज़लालत ,उस बेईज्जती की कल्पना करें जो 2007 में भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने महसूस की थी जब 2007 के एकदिवसीय विश्वकप में भारत की टीम पहले राउंड के पहले ही मैच में बांग्लादेश से बुरी तरह से हारी थी |

कप्तान राहुल द्रविड़ की उस टीम में सारे दिग्गज थे |सचिन गांगुली सहवाग युवराज हरभजन धोनी ज़हीर |भारत ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी की |गांगुली और सहवाग ने सलामी बल्लेबाजी की जिमेदारी उठाई |सचिन नंबर 4 पर भेजे गये|गांगुली ने 129 गेंदों पर 66 रन बनाये| और युवराज ने 58 गेंदों पर 47 रन |इनके अलावा ज़हीर और मुनाफ पटेल के 15 -15 रन थे जो टीम इण्डिया 191 रन बना पाई और पारी पूरी होने में 3 गेंदें रह भी गई थीं |
ज़वाब में तमीम इकबाल ,मुशफिकुर रहीम और शाकिब अल हसन के अर्धशतकों की मदद से बांग्लादेश ने 9 गेंदें शेष रहते 5 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली |ये अप्रत्याशित हार थी |

भारत का अगला मैच बरमूडा की टीम से था और लगातार दुसरे मैच में भारत की सलामी जोड़ी दूसरी थी |ओपनिंग रोबिन उथप्पा और सौरव गांगुली ने की और वीरेंद्र सहवाग नंबर 3 पर आये|बात रनरेट बढाने की थी और रोबिन उथप्पा जो तीन रन बना कर आउट हो गये थे उनके अलावा सभी ने अपना काम किया |वीरेंद्र सहवाग ने शतक बनाया था वहीं सौरव गांगुली और युवराज सिंह ने 80 प्लस स्कोर |सचिन नंबर 6 पर उतरे और 29 गेंदों पर 57 रन बना गये|भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 413/5 का स्कोर खड़ा किया और बरमूडा को 156 पर आल आउट करके मैच जीत लिया|भारत की इस टूर्नामेंट में ये पहली और आखिरी जीत थी |

भारत का अंतिम ग्रुप मैच श्रीलंका से था और भारत को ये हर हाल में जीतना था टूर्नामेंट में बने रहने के लिये|इस महत्वपूर्ण मैच में भारत ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी ली |उपुल थरंगा और चमारा सिल्वा के अर्धशतकों के अलावा तिलकरत्ने दिलशान के 38 रन और श्रीलंका की छोटी छोटी साझेदारियों ने श्रीलंका का फाइनल स्कोर 254/6 तक पहुंचा दिया था |

अब टीम इण्डिया को अगले राउंड में पहुँचने को बस 255 रन बनाने थे और ये आसान लग रहा था |ओपनिंग उथप्पा और सौरव गांगुली ने की और दोनों ओपनर 43 रन होते होते पवेलियन में बैठे थे |नंबर 4 सचिन तेंदुलकर खाता भी नहीं खोल पाये|धोनी ने गोल्डन डक बनाया था और युवराज ने 6 रन बनाये|सहवाग के 48 और द्रविड़ के 60 रन बस टीम इण्डिया का स्कोर 185 तक ही पहुंचा पाये|भारत ये मैच 44 वें ओवर में ही हार गया और भारत की विदाई इतने शर्मनाक तरीके से इस विश्वकप से हुई कि इसे याद करके आज भी दिल दुखता है |
2021 टी 20 विश्वकप
2021 टी 20 विश्वकप
दुबई में खेला गया 2021 टी 20 विश्वकप भी पहले टी 20 विश्वकप विजेता और आईपीएल के जनक देश भारत के क्रिकेट इतिहास में किसी काले धब्बे से कम नहीं है|
पहले ही लीग मैच में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से था और पाकिस्तान ने टॉस जीत कर भारत को पहले खिला दिया |कप्तान विराट कोहली के 57 और ऋषभ पन्त के 39 रनों की मदद से भारत ने जैसे तैसे 151 रन बनाये|ज़वाब में मोहम्मद रिजवान और बाबर आज़म की पाकिस्तानी सलामी जोड़ी ने ही बिना विकेट खोये 152 रनों का लक्ष्य 3 ओवर और 1 गेंद पहले ही पा कर भारत को बुरी तरह से दस विकेट से हरा दिया |

इसके बाद दूसरा मैच भारत का न्यूजीलैंड से था जिसमें भारत की पूरी टीम पहले खेलते हुये 20 ओवरों में मात्र 110 ही रन बना पाई जिसमें रवींद्र जडेजा के सबसे ज्यादा 26 और हार्दिक पांड्या के 23 रन थे |
न्यूजीलैंड ने मात्र 2 विकेट खोकर 111 रनों का लक्ष्य 33 गेंदें शेष रहते पा लिया और भारत को टूर्नामेंट की दूसरी शर्मनाक हार मिली|

इसके बाद भारत अफगानिस्तान ,नामीबिया और स्कॉटलैंड से अपने ग्रुप मैच ज़रूर जीता पर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुँच पाया और बुरी तरह ईआआट होकर बाहर हुआ था |इसके पहले भारत को किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान से इतनी बुरी तरह की हार नहीं मिली थी |
2025 का दक्षिण अफ्रीका का भारत दौरा
2025 का दक्षिण अफ्रीका का भारत दौरा
2025 में इंग्लैंड के लगभग संतोषजनक टेस्ट दौरे के बाद भारत की टेस्ट टीम को नये कप्तान शुभमन गिल की अगुआई और पुराने कोच गौतम गंभीर की कोचिंग में अपनी ही धरती पर विश्व टेस्ट चैम्पिय शिप विजेता तेम्बा बावुमा की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका टीम से भिड़ना था |
पहला टेस्ट मैच कोलकाता में हुआ|दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी ली |बुमराह के 5 विकेटों की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 159 रनों पर आल आउट कर दिया|ज़वाब में मार्को येन्सन की तेज़ गेंदबाजी से लिये 3 विकेट और स्पिनर साइमन हारमर के 4 विकेट भारत पर भारी पड़े और भारत की टीम भी पहली पारी में मात्र 189 रन ही बना पाई|दूसरी पारी में कप्तान तेम्बा बावुमा ने अर्धशतक (55 ) बना कर दक्षिण अफ्रीका को 155 तक पहुँचने में सहायता की और चौथी पारी में 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुये पूरी टीम इंडिया 35 ओवरों में 93 पर आलआउट हो गई|

दक्षिण अफ्रीका ये मैच 30 रनों से जीता और मैच का एकमात्र अर्धशतक बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा की जगह दोनों पारियों में चार चार विकेट लेने वाले स्पिनर साइमन हारमर मैन ऑफ़ द मैच रहे |भारत के कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण बीच मैच से बाहर हो गये थे और दूसरी पारी में बल्लेबाजी को नहीं आये थे |
सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच गुवाहाटी में हुआ जहां दक्षिण अफ्रीका ने फिर टॉस जीता और फिर पहले बल्लेबाजी ली|कप्तान तेम्बा बावुमा 41 ही बना पाये ,ट्रिस्टन स्टब्स एक रन से अर्धशतक से चूके पर कैरियर का मात्र आठवाँ टेस्ट खेल रहे लेफ्ट आर्म स्पिनर सेनुरण मुत्तुसैमी ने शतक बना डाला और तेज़ गेंदबाज़ मार्को येन्सन ने 93|

दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 489 पर समाप्त हुई |यशस्वी जायसवाल के अर्धशतक और वाशिंगटन सुंदर के 48 रनों के अलावा कोई भारतीय बल्लेबाज़ टिक नहीं पाया और पूरी टीम इण्डिया पहली पारी में 201 पर आलआउट हो गई |
भारी भरकम लीड लिये दक्षिण अफ्रीका ने भारत को फॉलोऑन दने की बज़ाय दूसरी पारी खेली|इस बार ट्रिस्टन स्टब्स ने 94 बनाये वहीं टोनी डे जोरजी ने 49|दक्षिण अफ्रीका ने 260/5 पर पारी घोषित की और भारत को जीत के लिये 549 रनों का असंभव सा लक्ष्य दिया |भारत की पूरी टीम चौथी पारी में 140 रनों पर सिमट गयी जहाँ जडेजा ने सबसे ज्यादा 54 रन बनाये थे |भारत 0-2 से ये दो साल में ये दूसरी घरेलू टेस्ट ऐसी हारा जहाँ उसका सूपड़ा साफ़ हुआ था |भारत 25 साल बाद अपने घर में दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारा था |गौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल का ये दूसरा घरेलू टेस्ट सीरीज व्हाइट वाश था |
2012 इंग्लैंड का भारत दौरा
2012 इंग्लैंड का भारत दौरा
2011 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने गयी टीम इंडिया दोनों देशों में 0-4 से बुरी तरह हार के लौटी थी और उसके बाद इंग्लैंड टीम 2012 में चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने भारत आई | लोगों को उम्मीद थी कि स्पिन खेलने में कमजोर इंग्लैंड टीम को टीम इंडिया कम से कम घर में तो हरा देगी |
सीरीज का पहला मैच अहमदाबाद में हुआ |भारत ने टॉस जीत के पहले बल्लेबाजी ली |वीरेंदर सहवाग के शतक और चेतेश्वर पुजारा के दोहरे शतक के लावा युवराज सिंह ने भी 74 बनाये|भारत ने पहली पारी 521/8 पर घोषित की |ऑफ़ स्पिनर ग्रैम स्वान ने 5 विकेट लिये थे |इंग्लैंड की पहली पारी 191 पर सिमट गई जहाँ प्रज्ञान ओझा ने 5 विकेट लिये थे |इंग्लैंड ने फ़ॉलोऑन खेला और कप्तान एलिस्टर कुक के 176 रनों की मदद से इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 406 रन बना कर भारत को जीत के लिये 77 रनों का लक्ष्य दिया जिसे भारत ने मात्र सहवाग का विकेट खोकर पा लिया |पुजारा मैनऑफ़ द मैच रहे|
जब ऐसे लग रहा था कि भारत ये टेस्ट सीरीज इंग्लैंड को बुरी तरह हरा देगा तब दूसरा टेस्ट मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शुरू हुआ |भारत ने फिर टॉस जीता और फिर पहले बल्लेबाजी ली|चेतेश्वर पुजारा के 135 और रविचंद्रन अश्विन के 68 रनों की मदद से भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाये|लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर ने 5 और ऑफ़ स्पिनर ग्रैम स्वान ने 4 विकेट लिये थे


|ज़वाब में कप्तान एलिस्टर कुक के 122 और केविन पीटरसन के शानदार 186 रनों की मदाद से इंग्लैंड ने 413 रन बना के भारत पर 86 रनों की लीड ले ली |प्रज्ञान ओझा ने इस बार भी 5 विकेट लिये थे |
भारत की दूसरी पारी में मात्र 142 रन ही बन पाये जहां गौतम गंभीर 65 रनों के साथ टॉप स्कोरर थे |मोंटी पनेसर ने इस पारी में 6 विकेट लिये थे और ग्रीम स्वान ने फिर से 4 विकेट लिये थे |इंग्लैंड को जीत के लिये 57 रन बनाने थे जो उन्होंने बिना कोई विकेट खोये बना डाले |मैन ऑफ़ द मैच केविन पीटरसन रहे थे अपने शानदार शतक के लिये

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सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच कोलकाता के ईडन गार्डन में हुआ|भारत ने फिर टॉस जीता और फिर पहले बल्लेबाजी ली |गौतम गंभीर के 60 ,सचिन तेंदुलकर के 76 और कप्तान एम् एस धोनी के 52 रनों की मदद से भारत ने 316 रन बनाये|जेम्स एंडरसन ने बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी करते हुये 3 विकेट लिये थे और मोंटी पनेसर ने 4 |

ज़वाब में एलिस्टर कुक ने फिर शतक जड़ दिया|इस बार कुक का शतक बहुत बड़ा था ,190 रनों का |जोनाथन ट्रोट ने 87 रन बनाये थे और केविन पीटरसन ने 54 |इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 523 रनों पर ख़त्म की |
भारत की दूसरी पारी में गौतम गंभीर और वीरेंदर सहवाग ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिये 86 रन जोड़ डाले पर सहवाग के 49 पर आउट होने के बाद पुजारा भी ज़ल्दी निकल गये और गंभीर की पारी भी 40 रनों की ही हो पाई |अश्विन ने नाबाद 91 रन बनाए थे [आर भारत की पूरी टीम 247 पर ही सिमट गई थी |जेम्स एंडरसन ने बहुत ही कमाल गेंदबाजी की थी और फिर से तीन विकेट ले लिये थे |इंग्लैंड को जीत के लिये 41 रनों का लक्ष्य मिला था जो उसने तीन विकेट खोकर पा लिया था |मैन ऑफ़ द मैच एलिस्टर कुक रहे थे |
भारत को अब ये टेस्ट सीरीज बचाने को चौथा और आखिरी मैच जीतना ज़रूरी था |
सीरीज का अंतिम टेस्ट मैच नागपुर में हुआ और इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी ली |इंग्लैंड की और से बल्लेबाज़ जो रूट ने टेस्ट डेब्यू किया था और भारत की और से लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने|

इस धीमी और बेजान पिच पर इंग्लैंड ने पहले खेलते हुये 145.5 ओवरों में 330 रन बना पाये|केविन पीटरसन और डेब्यू कर रहे जो रूट के 73 -73 रन थे और विकेटकीपर मैट प्रोयेर के 57 के आलावा ग्रैम स्वान के 56 |पीयूष चावला ने 4 विकेट लिए थे और डेब्यू कर रहे जडेजा ने अपनी पहली टेस्ट पारी में दो विकेट लिये थे, जोनाथन ट्रोट और केविन पीटरसन के |भारत ने पहली पारी में 143 ओवरों में 326/9 पर अपनी पारी घोषित की|विराट कोहली ने शतक बनाया था जबकि धोनी 99 रनों पर रनआउट हो गये थे |जेम्स एंडरसन ने 4 विकेट लिये थे |
इंग्लैंड की दूसरी पारी में इयान बेल और जोनाथन ट्रोट ने शतक जड़ दिये |इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 352/4 पर घोषित कर दी|और मैच ड्रा होकर ख़तम हो गया 1984-85 के बाद |भारत इंग्लैंड से पहली बार कोई घरेलू टेस्ट सीरीज हारा था |
विशेष
विशेष
2011 की ऑस्ट्रेलिया की धरती पर वही टेस्ट सीरीज में भारत 0-4 से हारा था जहाँ भारत दो मैच पारी के अंतर से हारा था, एक मैच 298 रनों से और एक 122 रनों से |वहीँ इसी साल टीम इण्डिया इंग्लैंड दौरे पर भी अपने सभी 4 टेस्ट मैच हारी थी जिसमें से भारत पहला मैच 196 रनों से ,दूसरा 319 रनों से और तीसरा चौथा मैच पारी के अंतर से हारी थी|इनकी चर्चा अगले अंक में करेंगे |
विपुल मिश्रा
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